इस बार करवा चौथ पर बन रहा है विशेष योग।। Karwa Chauth Vrat.

इस बार करवा चौथ पर बन रहा है विशेष योग।। Karwa Chauth Vrat.

इस बार करवा चौथ पर बन रहा है विशेष योग।। Karwa Chauth 2026.
मित्रों, इस बार करवा चौथ पर बन रहा है विशेष मंगलकारी योग, आइये आपलोगों को बताते हैं, पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा की विस्तृत विधि। (Karwa Chauth 2026) मूलतः यह करवाचौथ का व्रत कार्तिक मास की चतुर्थी को सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और चन्द्रमा देखकर व्रत का पारण करती हैं।।

(Karwa Chauth Vrat 2026) कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सुहागिन स्त्रियाँ अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए करवाचौथ का व्रत रखती है। इस दिन महिलाएं पूरा दिन निर्जला व्रत रखती हैं और चन्द्रमा को देखकर व्रत का पारण करती हैं। इस वर्ष यह करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर 2026, दिन रविवार को पड़ रहा है।।

इस दिन सूर्योदय से पहले ही महिलाएं उठकर व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके बाद पूरा दिन निर्जला व्रत रखती हैं। दिन के समय व्रत कथा और पूजन आदि किया जाता है। करवाचौथ के व्रत को करक चतुर्थी, दशरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह ऋंगार करती हैं। साथ ही पूजा और व्रत कथा सुनने के बाद चन्द्रमा को देखकर व्रत पारण किया जाता है।।

इस दिन भगवान शिव, भगवान श्रीगणेश जी और स्वामी कार्तिकेय यानि स्कन्द के साथ बनी गौरी के चित्र की सभी उपचारों के साथ पूजा की जाती है। कहते हैं, कि इस व्रत को करने से जीवन में पति का साथ हमेशा बना रहता है। साथ ही, सौभाग्य की प्राप्ति और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इस बार करवाचौथ के दिन एक विशेष योग बन रहा है। यह योग अत्यन्त ही मंगलकारी एवं शुभ योग माना जाता है। आइए जानते हैं इस मंगलकारी योग के बारे में और पूजा विधि।।

करवा चौथ व्रत की तारीख।। Karwa Chauth 2026 Date. हृषिकेश तथा महावीर पंचाग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर, रविवार को दिन में 06 बजकर 47 मिनट से शुरू हो जायेगी। जो 21 अक्टूबर को प्रातः 04 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगा। इसलिए पंचांग के अनुसार सायंकाल चन्द्रोदय के समय 20 अक्टूबर रविवार को ही Karwa Chauth 2026 Date है।।

करवा चौथ का शुभ मुहूर्त।। Karwa Chauth 2024 Ka Shubh Muhurt.

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ:- 20 अक्टूबर, रविवार को रात 06 बजकर 47 मिनट।। चतुर्थी तिथि समाप्त:- 21 अक्टूबर रात 04 बजकर 18 मिनट।। चन्द्रोदय समय: शाम 7 बजकर 59 मिनट पर होगा।।

करवा चौथ के दिन बनने वाले योग।। Karwa Chauth 2024 Ka Vishisht Yog.

इस चतुर्थी की तिथि को संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। संकष्टी चतुर्थी का पर्व गणेश जी को समर्पित है। इस दिन गणेश भगवान की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस बार 20 अक्टूबर करवाचौथ के दिन पूरी रात शिव योग रहेगा। ये योग मंगलदायक कार्यों में सफलता प्रदान करता है। वहीं सुबह 08:32 बजे के बाद रोहिणी नक्षत्र पूरी रात रहेगा। इसलिए यह योग विशेष रूप से मंगलकारी बन जाता है।।

करवाचौथ पूजा विधि।। Karwa Chauth 2024 Pooja Vidhi.

करवा चौथ पूजा करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व दिशा के कोने को अच्छे से साफ कर लें। लकड़ी की चौकी बिछाकर उस पर भगवान शिवजी, मां गौरी और गणेश जी की तस्वीर रखें। आप अपने हाथों से मिट्टी की प्रतिमा भी बनाकर रख सकते हैं। उस प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा किसी ब्राह्मण से करवाकर पूजन करवाएँ। साथ ही एक जल से भरा कलश स्थापित कर उसमें थोड़े-से अक्षत डालें। इसके बाद कलश पर रोली, अक्षत का टीका लगाएं और गर्दन पर मौली बांधें।।

तीन जगह चार पूड़ी और 4 लड्डू लें, अब एक हिस्से को कलश के ऊपर, दूसरे को मिट्टी या चीनी के करवे पर और तीसरे हिस्से को पूजा के समय महिलाएं अपने साड़ी या चुनरी के पल्ले में बांध कर रख लें। अब करवाचौथ माता के सामने घी का दीपक जलाकर कथा पढ़ें। पूजा करने के बाद साड़ी के पल्ले और करवे पर रखे प्रसाद को बेटे या अपने पति को खिला दें। वहीं, कलश पर रखे प्रसाद को गाय को खिला दें।।

कलश को पूजा स्थल पर ही रहने दें। चन्द्रोदय के समय इसी कलश के जल से चन्द्रमा को अर्घ्य दें। और घर में जो कुछ भी बना हो, उसका भोग चंद्रमा को लगाएं। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत का पारण करें।।

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