बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।
पञ्चांग, Panchang, आज का पञ्चांग, Aaj ka Panchang, Panchang 2026, आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार।।
मित्रों, तारीख 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष महाशिवरात्रि व्रत का पारण का दिन है। आज णमोकार ३५ व्रत १७ का उपवास जैन लोगों का है। आज जैन लोगों का जिन्नरात्रिव्रत भी आज ही मनाया जायेगा। आज सर्वार्थसिद्धियोग भी है। आप सभी सनातनियों को "जैनियों को जिन्नरात्रि व्रत" की हार्दिक शुभकामनायें।।
हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।
मेरे प्रियात्मनों, यह वेबसाईट बिलकुल नि:शुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको हमारे लेख पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप स्वयं हमारे साईट पर विजिट करें एवं अपने सभी सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं।।
।। पधारने हेतु भागवत प्रवक्ता - स्वामी धनञ्जय महाराज की ओर से आपका ह्रदय से धन्यवाद। आपका आज का दिन मंगलमय हो। अपने गाँव, शहर अथवा सोसायटी में भागवत कथा के आयोजन हेतु कॉल - 9375288850 करें या इस लिंक को क्लिक करें।।
वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).
पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

आज का पञ्चांग 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार।। Aaj ka Panchang 16 February 2026.
विक्रम संवत् - 2082.
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - कालयुक्त.
शक - 1946.
अयन – याम्यायनम्.
गोल - सौम्य.
ऋतु – बसन्त.
मास - फाल्गुन.
पक्ष - कृष्ण.
गुजराती पंचांग के अनुसार – माघ कृष्ण पक्ष.
Panchang 16 February 2026
तिथि - चतुर्दशी 17:35 PM बजे तक उपरान्त अमावस्या तिथि है।।
नक्षत्र - श्रवण 20:48 PM तक उपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र है।।
योग - व्यतिपात 02:47 AM तक उपरान्त वरियान योग है।।
करण - विष्टि 05:25 AM तक उपरान्त शकुनी 17:35 PM तक उपरान्त चतुष्पद करण है।।
चन्द्रमा - मकर राशि पर ।।
सूर्य – कुम्भ राशि एवं धनिष्ठा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।
मुम्बई सूर्योदय - प्रातः 07:08:30
मुम्बई सूर्यास्त - सायं 18:35:54
वाराणसी सूर्योदय - प्रातः 06:24:41
वाराणसी सूर्यास्त - सायं 17:36:37
राहुकाल (अशुभ) - सुबह 08:35 बजे से 10:01 बजे तक।।
विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.41 बजे से 13.05 बजे तक।।
Panchang 16 February 2026
चतुर्दशी तिथि विशेष - चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।।
इसीलिये चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।।
Panchang 16 February 2026
श्रवण नक्षत्र के जन्में जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म श्रवण नक्षत्र में हुआ है तो आप एक माध्यम कद काठी परन्तु प्रभावी और आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी होंगे। आपमें बचपन से ही सीखने की लालसा होने के कारण आप आजीवन ज्ञान प्राप्त करते रहेंगे। साथ ही समाज के बुद्धिजीवियों में आप की गिनती होती है। आप एक स्थिर सोच वाले निश्छल और पवित्र व्यक्ति होंगे।।
मानवता ही आपकी प्राथमिकता होगी और आपका दृष्टिकोण सदा ही सकारात्मक रहेगा। आप दूसरों के प्रति बहुत अधिक स्नेह की भावना रखेंगे। इसलिए औरों से भी उतना ही स्नेह एवं सम्मान प्राप्त करेंगे। श्रवण नक्षत्र के जातक एक अच्छे वक्ता होते हैं। एकान्तप्रिय होते हुए भी आपके मित्र अधिक होते हैं। आपके शत्रुओं की संख्या भी कुछ कम नहीं होती परन्तु अंत में शत्रुओं पर विजय आपकी ही होती हैं।।
आप एक इमानदार और सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले व्यक्ति होंगे। झूठ और कपट न तो आपको आता है और न ही जीवन में कभी आप इसका सहारा लेते हैं। आप अपने जीवन में कई बार दूसरों द्वारा किये गये धोखे का शिकार होते हैं। फिर भी आप अपने आदर्शों पर ही चलना पसंद करेंगे। आप बहुत मृदुभाषी और कोमल हृदयी व्यक्ति होंगे और अपनी हर चीज़ सुव्यवस्थित और साफ़ ही पसंद करेंगे।।
गन्दगी और अवव्स्था के कारण ही आपको बहुत अधिक क्रोध आ जाता है। साथ ही आप अपने मूल स्वभाव को भी भूल जाते हैं। आप दिखने में सीधे-सादे परन्तु आकर्षक व्यक्ति होंगे। आप प्राकृतिक रूप से सुंदर होते हैं। आप अपना सारा जीवन ज्ञान प्राप्ति में ही व्यतीत करते हैं। अतः आप एक अच्छे सलाहकार भी होते हैं। किसी भी विवाद या समस्या को न्यायिक दृष्टि से देखने की क्षमता आपमें होती है।।
जीवन में अनेक समस्याओं से जूझते हुए और अपना दायित्व निभाते हुए आप आगे बढ़ते रहेंगे और संतुलित एवं संतुष्ट जीवन व्यतीत करेंगे। श्रवण नक्षत्र के जातक अधिक ज्ञान अर्जन के कारण अपने जीवन में करियर के चुनाव में परेशानी नहीं झेलते हैं। 30 वर्ष तक कुछ उथल पुथल सहते हुए 45वें वर्ष तक अपने कार्यक्षेत्र में चमकने लगते हैं।।
65 वर्ष के बाद भी यदि कार्यरत हों तो अपने करियर की ऊंचाईयों को छूते हैं। वैसे तो सभी प्रकार के कार्यों के लिए सक्षम होंगे। परन्तु तकनीकी और मशीनरी कार्य, , इंजीनियरिंग, तेल और पेट्रोलियम सम्बंधित क्षेत्र आपके लिए विशेष लाभदायक होगा। आपके वैवाहिक जीवन द्वारा आपके जीवन की शरुआती मुश्किलों और अस्थिरता समाप्त होगी। एक आज्ञाकारी और आपसे बहुत प्रेम करने वाली पत्नी के कारण आप सुखमय दाम्पत्य जीवन का अनुभव करेगे।।
श्रवण नक्षत्र में जन्मी स्त्रियाँ भी विनम्र और सदाचारी होती हैं। अपने इन्ही गुणों के कारण श्रवण नक्षत्र की जातिकाएं परिवार और समाज में आदर प्राप्त करती हैं। श्रवण नक्षत्र के जातक विनम्र व्यक्ति के रूप में ख्याति प्राप्त करते हैं। इन जातकों को चमड़ी के रोग तथा अपच आदि की बीमारियाँ होने की संभावनायें बनी रहती है।।
प्रथम चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल हैं। श्रवण नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मा जातक मान सम्मान का इच्छुक एवं आशावादी होता है। श्रवण नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल, शनि का शत्रु है परन्तु चन्द्र का मित्र अतः चन्द्र और मंगल की दशा शुभ फलदायी होती है। शनि की दशा उन्नतिदायक और धन के मामले में सहायक होती है।।
द्वितीय चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शुक्र हैं। श्रवण नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्मा जातक गुणी एवं सकारात्मक सोच वाला होता है। श्रवण नक्षत्र के दूसरे चरण का स्वामी शुक्र, शनि और चन्द्र दोनों का शत्रु है। अतः शुक्र को जितना शुभ फल देना चाहिए उतना नहीं दे पायेगा। शनि की दशा-अन्तर्दशा में जातक उन्नति करेगा। धन अर्जित करेगा एवं स्वस्थ रहेगा।।
तृतीय चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध हैं। श्रवण नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्मा जातक समाज के विद्वान् व्यक्तियों में गिना जाता है। श्रवण नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध, शनि और चन्द्रमा दोनों का शत्रु है। अतः बुध को जितना शुभ फल देना चाहिए उतना नहीं दे पायेगा। शनि की दशा-अन्तर्दशा में जातक को मान सम्मान मिलेगा एवं प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।।
चतुर्थ चरण:- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु है और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। इस नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी चन्द्र हैं। श्रवण नक्षत्र के चौथे चरण में जन्मा जातक धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति का होता है। श्रवण नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी और नक्षत्र स्वामी भी चन्द्र है। अतः चन्द्रमा की दशा अशुभ फल नहीं देती है। शनि की दशा-अन्तर्दशा में जातक उन्नति करेगा एवं धन अर्जित करेगा तथा स्वस्थ रहेगा।।
Panchang 16 February 2026
सामान्यतया सोमवार शॉपिंग के लिए अच्छा दिन माना जाता है।।
सोमवार का विशेष - सोमवार के दिन तेल मर्दन अर्थात् तेल मालिश करने से चहरे और शरीर की कान्ति बढ़ती है - (मुहूर्तगणपति)।।
सोमवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से शिव भक्ति की हानि होती है। पुत्रवान पिता को तो कदापि नहीं करना चाहिये। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।
दिशाशूल - सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।।
सोमवार के दिन ये विशेष उपाय करें - सोमवार को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।
Panchang 16 February 2026
मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म सोमवार को होता है, वो जातक शांत प्रवृत्ति के गौर वर्ण लिए हुये होते हैं। सोमवार चन्द्र प्रधान दिन होता है, इसलिये इस जातक में कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण परिलक्षित होते हैं। माता के प्रिय एवं सद्गुणों से युक्त ये जातक कवि ह्रदय, सफेद वस्तुओं से लाभ पाने वाला, यात्रा का शौकीन, जलाशयों एवं प्रकृति का प्रेमी होता है।।
सोमवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है। इनकी प्रकृति यानी इनका स्वभाव शान्त होता है। इनकी वाणी मधुर और मोहित करने वाली होती है। ये स्थिर स्वभाव वाले होते हैं सुख हो या दु:ख सभी स्थिति में ये समान रहते हैं। धन के मामले में भी ये भाग्यशाली होते हैं तथा इन्हें सरकार एवं समाज से मान-सम्मान मिलता है।।
इस दिन जन्म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्य् क पालन या मछली का व्यवसाय, पत्थरों का व्यवसाय, कपड़े का व्यंवसाय शुद्ध फलता है। इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए कैरियर के लिहाज से आप जहां भी जायें सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को ही चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता हो, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्थयर आदि से जुड़ा व्यवसाय।।
आज का सुविचार - मित्रों, जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में। जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा। हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती।।
Panchang 16 February 2026
चन्द्रमा द्वारा निर्मित कुछ अतुलनीय धनदायक योग।।...... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें.... वेबसाईट पर पढ़ें: & ब्लॉग पर पढ़ें:
ॐ अथ शिवप्रातः स्मरणस्तोत्रम् - यहाँ क्लिक करें और पढ़ें:
"मकर राशि वालों के मृत्यु का योग।। Makar Rashi Walo Ki Mrityu." - My Latest video.
"तुला राशि वालों की मृत्यु किस उम्र में होगी।। Tula Rashi Walo Ki Mrityu." - My Latest video.
"मिथुन राशि वालों की मृत्यु किस उम्र में होगी। Mithun Rashi Walo Ki Mrityu.
ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं - Watch YouTube Video's.
इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज - My facebook Page.
Panchang 16 February 2026
वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें।।
किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं।।
सिलवासा ऑफिस:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजू में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा।।
सिलवासा ऑफिस में प्रतिदिन मिलने का समय:-
10:00 AM to 02:00 PM And 04:30 PM to 08:30 PM.
WhatsAap & Call: +91 - 8690 522 111. E-Mail :: balajijyotish11@gmail.com


0 टिप्पणियाँ