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पञ्चांग 07 मार्च 2026 दिन शनिवार।। Panchang 07 March 2026

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 07 मार्च 2026 दिन शनिवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 07 March 2026

आज का पञ्चांग 07 मार्च 2026 दिन शनिवार।।
Aaj ka Panchang 07 March 2026.

विक्रम संवत् - 2082.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - कालयुक्त.

शक - 1946.

अयन – याम्यायनम्.

गोल - सौम्य.

ऋतु – बसन्त.

मास - चैत्र.

पक्ष - कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – माघ कृष्ण पक्ष.

Panchang 07 March 2026

तिथि - चतुर्थी 19:18 PM बजे तक उपरान्त पञ्चमी तिथि है।।
नक्षत्र - चित्रा 11:16 AM तक उपरान्त स्वाति नक्षत्र है।।

योग - वृद्धि 06:53 AM तक उपरान्त ध्रुव योग है।।

करण - बव 06:32 AM तक उपरान्त बालव 19:18 PM तक उपरान्त कौलव करण है।।

चन्द्रमा - तुला राशि पर।।

सूर्य – कुम्भ राशि एवं पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।

मुम्बई सूर्योदय - प्रातः 06:55:39

मुम्बई सूर्यास्त - सायं 18:43:15

वाराणसी सूर्योदय - प्रातः 06:11:39

वाराणसी सूर्यास्त - सायं 17:49:32

राहुकाल (अशुभ) - सुबह 09:52 बजे से 11:21 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12.37 बजे से 13.01 बजे तक।।

Panchang 07 March 2026

चतुर्थी तिथि विशेष - चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।।

इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

मित्रों, ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।

Panchang 07 March 2026

चित्रा नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- चित्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक शारीरिक रूप से मनमोहक एवं सुन्दर आँखों वाला होता है। आपको अनेक प्रकार की साज सज्जा का शौक होता है तथा अपने लिए नित नए आभूषण एवं वस्त्र आप खरीदते ही रहते हैं। आपका व्यक्तित्व आकर्षक एवं शारीरिक रूप से संतुलित होते हैं। व्यक्तित्व के यही गुण आपको भीड़ से अलग करते हैं। आपकी पसंद और सोंच में अनूठापन है जिससे अक्सर महिलाएं आकर्षित होती है। आप स्वभाव से कामुक एवं स्त्रियों में अधिक रूचि रखने वाले होते हैं।।

आप बेहद संवेदनशील होते हैं तथा अत्यधिक भावुक होते हैं। इसलिए आपकी बुद्धि अस्थिर रहती है और आपको निर्णय लेने में कठिनाई अक्सर आती है। आप एक शांतप्रिय व्यक्ति होंगे परन्तु अपनी स्पष्टवादिता के कारण विवादों में अक्सर फंस जाते हैं। आपमें सुन्दरता और गुणों का समावेश होता है। आप दयालु और गरीबों के मदद करने वालों में से होंगे। शत्रुओं को मुंहतोड़ जवाब देने की अपेक्षा आप अपने आप को बचाना बेहतर समझते हैं।।

चित्रा नक्षत्र में जन्मा जातक परिश्रमी होता है और अपने इसी गुण के कारण अपने जीवन में आई कई कठिनाईयों को पार करते हुए उन्नति पाता है। कभी-कभी आपको अपने द्वारा की गई मेहनत से अधिक भी मिल जाता है। आपका जीवन 32 वर्ष तक उथल पुथल भरा रहता है परन्तु 32 से 52 वर्ष तक का समय आपके जीवन का बेहतर समय कहा जा सकता है।।

आप अपने पिता से अधिक माता के निकट होंगे। हालाँकि आपके पिता समाज में एक सम्माननीय व्यक्ति होंगे। परन्तु किसी कारणवश आपकी उनसे दूरी आजीवन बनी रहेगी। चित्रा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति अपने जन्म स्थान से दूर जाकर ही सफल होता है। वैवाहिक जीवन में कुछ खटास रहती है परन्तु पारिवारिक जीवन में स्थिरता रहेगी। चित्रा नक्षत्र में जन्मी महिलाएं सफ़ेद वस्त्र पहनना पसंद करती हैं।।

सुंदर तथा हंसमुख स्वभाव वाली चित्रा नक्षत्र की जातिकाएं ईश्वर में विश्वास रखने वाली होती हैं। आप माता-पिता की प्रिय तथा आपके नेत्र विशेष रूप से सुंदर होते हैं। अर्थात इस नक्षत्र की जातिकाएं अत्यन्त सुंदर नेत्रों वाली होती हैं। चित्रा नक्षत्र में जन्मे जातक अल्सर, किडनी सम्बंधित रोग, दिमागी बुखार, अपेंडिक्स जैसे रोगों के शिकार होने की ज्यादातर संभावनायें होती हैं।।

प्रथम चरण:- चित्रा नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुए जातकों का झुकाव चोरी एवं तस्करी में अधिक होता है। लग्नेश बुध की दशा शुभ फल देगी। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होगा। परन्तु सूर्य की दशा अशुभ फलदायी होगी।।

द्वितीय चरण:- चित्रा नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी बुध होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक सौंदर्य प्रेमी होता है। ऐसे जातकों की रूचि संगीत, कला, चित्रकारी या फोटोग्राफी जैसे विषयों में अधिक होती है। लग्नेश बुध की दशा माध्यम फलदायी होती है।।

तृतीय चरण:- चित्रा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र होता हैं। चित्रा नक्षत्र का स्वामी मंगल एवं लग्नेश तथा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र दोनों ही कामुक ग्रह हैं। फलतः जातक कामुक होगा तथा पराई स्त्री में रूचि रखने वाला होगा। लग्न बलि न होने के कारण जातक का विकास रुका हुआ रहेगा। लग्नेश शुक्र एवं मंगल की दशा में कोई काम नहीं बनेगा।।

चतुर्थ चरण:- चित्रा नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी मंगल होता हैं। नक्षत्र स्वामी मंगल एवं नक्षत्र चरण स्वामी भी मंगल होने के कारण जातक के शरीर पर चोट अथवा पीड़ा का निशान रहेगा। लग्नेश शुक्र की दशा अच्छा फल देती है। मंगल की दशा-अन्तर्दशा भी उत्तम फलदायी होती है।।

Panchang 07 March 2026

शनिवार को जूते-चप्पल, लोहे की बनी वस्तुयें, नया अथवा पुराना भी वाहन नहीं खरीदना चाहिये एवं नए कपड़े न खरीदना और ना ही पहली बार पहनना चाहिये।।

शनिवार का विशेष - शनिवार के दिन तेल मर्दन "मालिश" करने से हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती हैं - (मुहूर्तगणपति)।।

शनिवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से आयुष्य की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।।

दिशाशूल - शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।।

Panchang 07 March 2026

जिस व्यक्ति का जन्म शनिवार को होता है उस व्यक्ति का स्वभाव कठोर होता है। ये पराक्रमी एवं परिश्रमी होते हैं तथा इनके ऊपर दु:ख भी आये तो ये उसे भी सह लेना जानते हैं। ये न्यायी एवं गंभीर स्वभाव के होते हैं तथा सेवा करना इन्हें काफी पसंद होता है।।

शनिवार को जन्म लेनेवाले जातक कुछ सांवले रंग के, साहसी, मैकेनिक अथवा चिकित्सक होते हैं। इनमें से कुछ अपने कार्य में सुस्त भी होते हैं, जैसे देर से जागना, देर तक सोना भी इनकी आदतों में शुमार होता है। पारिवारिक जिम्मेदारियां भी शुद्ध रहती है इसलिये ये एक मेहनतकश इंसान होते हैं। सफलता के मार्ग में रूकावटों का भी सामना करना पड़ता है।।

शनिवार को जन्मलेनेवाले जातकों के स्वभाव में साहस लक्षित होता है। सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं। ऐसे लोग अधिकांशतः सांवले रंग के होते हैं। इन जातकों को अपने कैरियर के लिये डॉक्टपर, इंजीनियर तथा मैकेनिक के क्षेत्र का चयन करना चाहिये। इनका शुभ अंक 3, 6 और 9 तथा इनका शुभ दिन शनिवार और मंगलवार होता है।।

आज का सुविचार - मित्रों, रात लम्बी और काली हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि सुबह होगी ही नहीं। ठीक उसी तरह असफलता का दौर लम्बा हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब ये कतई नहीं होता कि आपको अब कभी सफलता मिलेगी ही नहीं।।

Panchang 07 March 2026

शनि देव मेहरबान हों तो इंजीनियर और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाते है।।.... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें.... वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

"मकर राशि वालों के मृत्यु का योग।। Makar Rashi Walo Ki Mrityu." - My Latest video.

"तुला राशि वालों की मृत्यु किस उम्र में होगी।। Tula Rashi Walo Ki Mrityu." - My Latest video.

"मिथुन राशि वालों की मृत्यु किस उम्र में होगी। Mithun Rashi Walo Ki Mrityu.

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Panchang 07 March 2026

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