बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

पञ्चांग 11 जुलाई 2026 दिन शनिवार।। Panchang 11 July 2026

पञ्चांग, Panchang, आज का पञ्चांग, Aaj ka Panchang, Panchang 2026,
आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 11 जुलाई 2026 दिन शनिवार।।

मित्रों, तारीख 11 जुलाई 2026 दिन शनिवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज के पहले अर्थात 10 जुलाई को योगिनी एकादशी का पावन व्रत था। तो आज द्वादशी को एकादशी व्रत के पारण का समय भी जान लेते हैं। तो जैसा की आप जानते हैं, कि तारीख 09 जुलाई को प्रातः में 04:35 AM पर एकादशी तिथि का आरम्भ हुआ था। और 10 जुलाई को ही रात्रि 3:35 AM तक एकादशी था। इसलिए आज 11 जुलाई दिन शनिवार को प्रातःकाल एकादशी व्रत का पारण 08:47 से 11:25 AM के बीच में कर लेना चाहिए। इसलिए इसी समय बीच के काल में एकादशी व्रत के व्रतियों को व्रत का पारण कर लेना चाहिए। कुछ लोग वैष्णव एकादशी के नाम पर आज भी एकादशी व्रत कर रहे होंगे परन्तु जिसने पञ्चांग लिखा है, उसने जो समय लिखा है, उसके अनुसार तो आज एकादशी बिलकुल नहीं है। आज तो रात्रि 01:35 AM पर ही एकादशी तिथि समाप्त हो गयी है। आज यायीजययोग एवं सर्वर्थामृतसिद्धियोग साथ ही त्रिपुष्करयोग भी है। आप सभी सनातनियों को "योगिनी एकादशी व्रत के पारण" की हार्दिक शुभकामनायें।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

मेरे प्रियात्मनों, यह वेबसाईट बिलकुल नि:शुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको हमारे लेख पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप स्वयं हमारे साईट पर विजिट करें एवं अपने सभी सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं।।

।। पधारने हेतु भागवत प्रवक्ता - स्वामी धनञ्जय महाराज की ओर से आपका ह्रदय से धन्यवाद। आप का आज का दिन मंगलमय हो। अपने गाँव, शहर अथवा सोसायटी में भागवत कथा के आयोजन हेतु कॉल - 9375288850 करें या इस लिंक को क्लिक करें।।

वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 11 July 2026

आज का पञ्चांग 11 जुलाई 2026 दिन शनिवार।।
Aaj ka Panchang 11 July 2026.

विक्रम संवत् - 2083.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - रौद्र.

शक - 1948.

अयन – सौम्यायनम्.

गोल - याम्य.

ऋतु – ग्रीष्म.

मास - आषाढ़.

पक्ष - कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – निज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष.

Panchang 11 July 2026

तिथि - एकादशी 03:35 AM बजे तक उपरान्त द्वादशी तिथि है।।

नक्षत्र - कृत्तिका 11:05 PM तक उपरान्त रोहिणी नक्षत्र है।।

योग - शूल 03:51 AM तक उपरान्त तक उपरान्त गंड योग है।।

करण - बालव 05:24 AM तक उपरान्त कौलव 15:48 PM तक उपरान्त तैतिल करण है।।

चन्द्रमा - वृषभ राशि पर।।

सूर्य – मिथुन राशि एवं पुनर्वसु नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।

मुम्बई सूर्योदय - प्रातः 06:06:42

मुम्बई सूर्यास्त - सायं 19:20:14

वाराणसी सूर्योदय - प्रातः 05:15:35

वाराणसी सूर्यास्त - सायं 18:45:52

राहुकाल (अशुभ) - सुबह 09:25 बजे से 11:05 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12.32 बजे से 12.56 बजे तक।।

Panchang 11 July 2026

मित्रों, तारीख 11 जुलाई 2026 दिन शनिवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज के पहले अर्थात 10 जुलाई को योगिनी एकादशी का पावन व्रत था। तो आज द्वादशी को एकादशी व्रत के पारण का समय भी जान लेते हैं। तो जैसा की आप जानते हैं, कि तारीख 09 जुलाई को प्रातः में 04:35 AM पर एकादशी तिथि का आरम्भ हुआ था। और 10 जुलाई को ही रात्रि 3:35 AM तक एकादशी था। इसलिए आज 11 जुलाई दिन शनिवार को प्रातःकाल एकादशी व्रत का पारण 08:47 से 11:25 AM के बीच में कर लेना चाहिए। इसलिए इसी समय बीच के काल में एकादशी व्रत के व्रतियों को व्रत का पारण कर लेना चाहिए। कुछ लोग वैष्णव एकादशी के नाम पर आज भी एकादशी व्रत कर रहे होंगे परन्तु जिसने पञ्चांग लिखा है, उसने जो समय लिखा है, उसके अनुसार तो आज एकादशी बिलकुल नहीं है। आज तो रात्रि 01:35 AM पर ही एकादशी तिथि समाप्त हो गयी है। आज यायीजययोग एवं सर्वर्थामृतसिद्धियोग साथ ही त्रिपुष्करयोग भी है। आप सभी सनातनियों को "योगिनी एकादशी व्रत के पारण" की हार्दिक शुभकामनायें।।

द्वादशी तिथि विशेष - द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।।

आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।

द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।।

Panchang 11 July 2026

कृतिका नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- कृतिका नक्षत्र में जन्मा जातक सुन्दर और मनमोहक छवि वाला होता है। वह केवल सुन्दर ही नहीं अपितु गुणी भी होते हैं। आपका व्यक्तित्व किसी राजा के समान ओजपूर्ण एवं पराक्रमी होता है। कृतिका नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य है। अतः आप तेजस्वी एवं तीक्ष्ण बुद्धि के स्वामी होते हैं। बचपन से ही आपकी विद्या प्राप्ति में अधिक रूचि रहती है और आगे चलकर कृतिका नक्षत्र का जातक विद्वान् होता है।।

यह सूर्य ग्रह का विशेष गुण भी माना है। परन्तु शुक्र और सूर्य में शत्रुता भी है। अतः सुन्दर और तेजस्वी होने पर भी विचार अस्थिर रहेंगे। सूर्य के इस नक्षत्र में चन्द्र भी रहेगा अर्थात सूर्य चन्द्र के मेल के कारण शरीर पर तेज़ की अनुभूति होगी। चन्द्रमा से प्रभावित होने के कारण आपमें प्रभुत्व आएगा। आप की सोच और कार्य उच्च स्तरीय होंगे। आपके व्यक्तित्व में राजकीय गुण स्वाभाविक हैं। चन्द्रमा के प्रभाव के कारण ही आपके पास धन भी आएगा।।

कृतिका नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति खाने का शौक़ीन एवं पराई स्त्रियों में आसक्त होता है। आपका रुझान गायन, नृत्यकला, सिनेमा, तथा अभिनेता और अभिनेत्रियों के प्रति अधिक रहता है। इस नक्षत्र में जन्मे जातक या जातिकाएं एक दूसरे के प्रति आकर्षित रहते हैं। सौन्दर्य के तेज़ के कारण प्रसिद्धि भी बहुत अधिक मिलती है एवं पुरुषों को महिलाएं एवं महिलाओं को पुरुषों के प्रेम प्रस्ताव मिलते ही रहते हैं।।

हालाँकि किसी भी सम्बन्ध में आप बंध कर रहना पसंद नहीं करते। जहाँ आपको बंधन महसूस होता है वहीँ आप बिना किसी की परवाह किए रिश्तों को समाप्त कर आगे बढ़ जाते हैं। बहु भोगी होना और रोगी होना इस नक्षत्र में जन्मे जातकों का स्वभाव है। सेक्स के प्रति अधिक रुझान एवं भोजन के प्रति असावधानी रोग का कारण बन सकती है। आप औरों के लिए एक बहुत अच्छे मार्गदर्शक साबित होते हैं।।

परन्तु अस्थिर सोच के कारण अपने लिए सही निर्णय लेना आप के बस में नहीं होता है। आपको पुराने या नवीन विचारों से कोई परहेज़ नहीं होता। आप केवल सत्यता और मानवता के पथ पर ही चलना चाहते हैं। कृतिका जातक पिता की उपेक्षा अपनी माता से अधिक निकट होता है। साथ ही माता से हर प्रकार का सहयोग लेने में सक्षम रहता है। विवाह के उपरांत आपका पारिवारिक जीवन सुखमय रहता है।।

पत्नी के साथ सम्बन्ध प्रेमपूर्वक और मधुर बना रहता है। परन्तु घर परिवार से दूरी आपको अक्सर खलती है। कृतिका नक्षत्र में जन्मे जातक का भाग्योदय अक्सर जन्म स्थान से दूर जाकर होता है। आप अपने जीवन में कई यात्राएं भी करते हैं जिनमे से अधिकतर निरर्थक साबित होती हैं। निरंतर यात्राओं के कारण कार्यक्षेत्र में भी बदलाव होता है। आपको सफलता प्राप्त करने के लिए जीवन पर्यंत संघर्षरत रहना पड़ता है।।

सुदूर देशों में जाकर ही कृतिका नक्षत्र जातक खूब धन कमाता है। कृतिका नक्षत्र में जन्मी महिलाएं पतले दुबले शरीर और कफ प्रकृति की होती हैं। सामान्यतः अपने माता पिता की अकेली संतान होती हैं। या भाई बहनों के होते हुए भी उनके सुख से वंचित रहती है। इस नक्षत्र में जन्मी जातिकाएं प्रायः झगड़ालू तथा दूसरों में दोष निकलने वाली होती हैं।।

क्रोध सदा इनकी नाक पर रहता है। अपने इसी स्वभाव के कारण इनका अपने पति से भी प्रेमपूर्ण व्यवहार नहीं रहता है। इसी वजह से अक्सर वैवाहिक जीवन में अलगाव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। अनुशासित एवं ओजपूर्ण व्यवहार से आप सम्पन्न होते हैं। सर्दी, जुकाम और नाक से सम्बंधित रोग से आप सदैव ग्रसित रहते हैं।।

प्रथम चरण:- कृतिका नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य है। इसके प्रथम चरण का स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं। कृतिका नक्षत्र के पहले चरण में जन्म होने के कारण जातक जन्मस्थान से दूर जाकर खूब धन कमाता है। जातक की मंगल की दशा, सूर्य एवं गुरु की दशा-अन्तर्दशा अत्यंत शुभ फलदायी होगी। यह जातक मंगल की रहस्मयी शक्तियों का स्वामी होता है।।

द्वितीय चरण:- कृतिका नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य है। इसके द्वितीय चरण का स्वामी ग्रह शनि हैं। कृतिका नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म होने के कारण जातक विज्ञान का जानकार हो सकता है। सूर्य और शनि के कारण ज्ञान और अनुभव दोनों का समावेश रहेगा। जातक शास्त्रों का ज्ञाता एवं अपने क्षेत्र का तेजस्वी विद्वान् होगा। जातक लग्नबली एवं चेष्टावान होगा। सूर्य एवं शनि की दशाएं अशुभ परन्तु लग्नेश शुक्र की दशा शुभ फल देती है।।

तृतीय चरण:- कृतिका नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य है। इसके तृतीय चरण का स्वामी ग्रह शनि हैं। कृतिका नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्म होने के कारण जातक शूरवीर तथा भाग्यशाली होगा। सूर्य और शनि के कारण ज्ञान और अनुभव दोनों का समावेश रहेगा। जातक शास्त्रों का ज्ञाता एवं अपने क्षेत्र का तेजस्वी विद्वान् होगा। जातक की सूर्य एवं शुक्र दोनों की दशाएं संघर्षपूर्ण होंगी।।

चतुर्थ चरण:- कृतिका नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य है। इसके चतुर्थ चरण का स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं। कृतिका नक्षत्र के चौथे चरण में जन्म होने के कारण जातक दीर्घायु एवं एक से अधिक पुत्रों वाला होगा। सूर्य और बृहस्पति जातक ज्ञानी एवं सात्विक विचारों वाला होगा। जातक की सूर्य एवं बृहस्पति की दशा-अन्तर्दशा में उन्नति होगी। जातक का विशेष भाग्योदय सूर्य, बृहस्पति एवं लग्न स्वामी शुक्र की दशा में होगा।।

Panchang 11 July 2026

शनिवार को जूते-चप्पल, लोहे की बनी वस्तुयें, नया अथवा पुराना भी वाहन नहीं खरीदना चाहिये एवं नए कपड़े न खरीदना और ना ही पहली बार पहनना चाहिये।।

शनिवार का विशेष - शनिवार के दिन तेल मर्दन "मालिश" करने से हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती हैं - (मुहूर्तगणपति)।।

शनिवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से आयुष्य की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।।

दिशाशूल - शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।।

Panchang 11 July 2026

जिस व्यक्ति का जन्म शनिवार को होता है उस व्यक्ति का स्वभाव कठोर होता है। ये पराक्रमी एवं परिश्रमी होते हैं तथा इनके ऊपर दु:ख भी आये तो ये उसे भी सह लेना जानते हैं। ये न्यायी एवं गंभीर स्वभाव के होते हैं तथा सेवा करना इन्हें काफी पसंद होता है।।

शनिवार को जन्म लेनेवाले जातक कुछ सांवले रंग के, साहसी, मैकेनिक अथवा चिकित्सक होते हैं। इनमें से कुछ अपने कार्य में सुस्त भी होते हैं, जैसे देर से जागना, देर तक सोना भी इनकी आदतों में शुमार होता है। पारिवारिक जिम्मेदारियां भी शुद्ध रहती है इसलिये ये एक मेहनतकश इंसान होते हैं। सफलता के मार्ग में रूकावटों का भी सामना करना पड़ता है।।

शनिवार को जन्मलेनेवाले जातकों के स्वभाव में साहस लक्षित होता है। सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं। ऐसे लोग अधिकांशतः सांवले रंग के होते हैं। इन जातकों को अपने कैरियर के लिये डॉक्टपर, इंजीनियर तथा मैकेनिक के क्षेत्र का चयन करना चाहिये। इनका शुभ अंक 3, 6 और 9 तथा इनका शुभ दिन शनिवार और मंगलवार होता है।।

आज का सुविचार - मित्रों, रात लम्बी और काली हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि सुबह होगी ही नहीं। ठीक उसी तरह असफलता का दौर लम्बा हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब ये कतई नहीं होता कि आपको अब कभी सफलता मिलेगी ही नहीं।।

Panchang 11 July 2026

शनि देव मेहरबान हों तो इंजीनियर और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाते है।।.... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें....   वेबसाईट पर पढ़ें:  &  ब्लॉग पर पढ़ें:

"क्या बाबा के सर सज रही है, UP का ताज? क्या बाबा फिर CM बन सकते हैं।।" - My Latest video.
"क्या कहती है अखिलेश यादव की कुंडली? क्या मिलेगी सत्ता?।।" - My Latest video.
"शुक्र की महादशा में सूर्य अन्तर्दशा फलम्" - My Latest video.
ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं - Watch YouTube Video's.
इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज - My facebook Page.

Panchang 11 July 2026

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें।।
किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं।।

सिलवासा ऑफिस:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजू में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा।।

सिलवासा ऑफिस में प्रतिदिन मिलने का समय:-
10:00 AM to 02:00 PM And 04:30 PM to 08:30 PM.
WhatsAap & Call: +91 - 8690 522 111.
E-Mail :: balajijyotish11@gmail.com