सूर्य की महादशा में अन्य सभी ग्रहों की अन्तर्दशा का शुभाशुभ फल।। Surya Dasha in All planets Shubh Ashubh fal.
हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,
मित्रों, आज हम बात करेंगे सूर्य ग्रह की दशा के विषय में। किसी भी ग्रह की महादशा के अंतर्गत सभी ग्रहों की अन्तर्दशा आती है। उस अन्तर्दशा में फिर अन्य ग्रहों की प्रत्यंतर दशा भी आती है। अब अभिप्राय यह है, कि ये दशायें जातक को किस प्रकार का फल देती है इस विषय में हम आज बात करेंगे।।
तो सबसे पहले हम सूर्य की महादशा में बाकी सभी ग्रहों की अंतर्दशा किस प्रकार का फल देती है, इस विषय में विस्तृत चर्चा करेंगे। तो आइए सबसे पहले सूर्य की महादशा में चन्द्रमा की अंतर्दशा किस प्रकार का फल देती है, इस विषय में जानते हैं।।
मित्रों, सूर्य की महादशा अच्छी होती है, अधिकांशतः अच्छी ही होती है, क्योंकि सूर्य धन, प्रतिष्ठा, यश, समृद्धि, ऐश्वर्य और पिता का कारक ग्रह माना जाता है। और कोई भी पिता अपने संतान को दुखी नहीं देख सकता ये सैधान्तिक बात है।।
इसलिए सूर्य कुंडली में अगर अच्छा हो तो बहुत ही शुभ फल देता है। बहुत कम परिस्थितियों में सूर्य अशुभ फल दायक होता है। अन्यथा अधिकांशत: परिस्थितियों में सूर्य जातक को अपनी दशा-अंतर्दशा में शुभ फल ही देता है।।
मित्रों, यदि आपकी कुंडली में सूर्य की महादशा चल रही हो और सूर्य की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा हो तो आपके शत्रुओं का नाश, आरोग्य, धन लाभ तथा समस्त सुखों की प्राप्ति सहज ही होते रहती है।।
मित्रों, सूर्य की महादशा में मंगल की अंतर्दशा यदि चल रही हो और आप का मंगल शुभ हो तो रत्न, सुवर्ण, मणि आदि की प्राप्ति, कहीं भी जाओ विजय ही विजय की प्राप्ति होती है। एक दिव्य प्रकार की तेजस्विता एवं हर प्रकार के सुखों का लाभ जातक को होता है।।
मित्रों, सूर्य की महादशा में अगर बुध की अंतर्दशा आपके ऊपर चल रही हो और यह बुध अगर अच्छा ना हो तो दाद, खाज, खुजली, दिनाय एवं कुष्ठ रोग भी होने की प्रबल सम्भावना होता है। इस समय में जातक के शत्रुओं की भी वृद्धि होती है तथा अनेकों प्रकार के कष्ट आते रहते हैं।।
मित्रों, सूर्य की महादशा में शुभ गुरु की अंतर्दशा हो तो जातक के रोगों, शत्रुओं, पाप एवं दीनता आदि का नाश करके यह गुरु धर्म और अनेक प्रकार के सुखों की प्राप्ति करवाता है।।
मित्रों, सूर्य की महादशा में यदि आपके ऊपर शुक्र देवता की अंतर्दशा हो और शुक्र देवता अशुभ हों तो मस्तक और कंठ में रोग, ज्वर, शूल और शत्रु से पराजय होने लगती है।।
मित्रों, सूर्य की महादशा में यदि अशुभ शनि की अंतर्दशा हो तो जातक को सरकार की तरफ से भय, दीनता, शत्रुओं से पराजय तथा अनेक प्रकार के कष्टों की प्राप्ति होती है।।
मित्रों, सूर्य की महादशा के अंतर्गत राहु और केतु की अंतर्दशा आए तो उन ग्रहों के प्लेसमेंट के आधार पर यह निर्धारित किया जा सकता है, कि वह शुभ फल देंगे अथवा अशुभ फल देंगे। वैसे सूर्य की महादशा में राहु और केतु की अंतर्दशायें ज्यादातर शुभ नहीं होती है।।
सूर्य की महादशा में बुध की अंतर्दशा का विस्तृत विश्लेषण:-
सूर्य की महादशा में मंगल अन्तर्दशा फलम्:-
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