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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 18 अगस्त 2026 दिन मंगलवार।।
मित्रों, तारीख 18 अगस्त 2026 दिन मंगलवार को ही श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज कल्किअवतार इसी षष्ठी को होनेवाला है, इसलिए आज कल्क्यावतार षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। श्रावण मास का भौमव्रत है। आज दुर्गायात्रा एवं हनुमान जी के दर्शन का बड़ा ही महत्व होता है। आज माता गौरी के पूजन का भी अत्यधिक महत्त्व बताया गया है। आज सौरमास के अनुसार भाद्रपद मास आरम्भ माना जाता है। आज रवियोग भी है। आप सभी सनातनी बंधुओं को "भौमव्रत एवं कलक्यावतार" की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।
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।। पधारने हेतु भागवत प्रवक्ता - स्वामी धनञ्जय महाराज की ओर से आपका ह्रदय से धन्यवाद। आप का आज का दिन मंगलमय हो। अपने गाँव, शहर अथवा सोसायटी में भागवत कथा के आयोजन हेतु कॉल - 9375188850 करें या इस लिंक को क्लिक करें।।
वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).
पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।
आज का पञ्चांग 18 अगस्त 2026 दिन मंगलवार।।
Aaj ka Panchang 18 August 2026.
विक्रम संवत् - 2083.
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - रौद्र.
शक - 1948.
अयन – सौम्यायनम्.
गोल - याम्य.
ऋतु – ग्रीष्म.
मास - श्रावण.
पक्ष - शुक्ल.
गुजराती पंचांग के अनुसार – श्रावण शुक्ल पक्ष.
Panchang 18 August 2026
तिथि - षष्ठी 17:51 PM बजे तक उपरान्त सप्तमी तिथि है।।
नक्षत्र - चित्रा 04:59 AM तक उपरान्त स्वाति नक्षत्र है।।
योग - शुभ 03:30 AM तक उपरान्त शुक्ल योग है।।
करण - कौलव 05:21 AM तक उपरान्त तैतिल 17:51 PM तक उपरान्त गर करण है।।
चन्द्रमा - तुला राशि पर।।
सूर्य – कर्क राशि एवं आश्लेषा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।
मुम्बई सूर्योदय - प्रातः 06:19:56
मुम्बई सूर्यास्त - सायं 19:03:36
वाराणसी सूर्योदय - प्रातः 05:34:49
वाराणसी सूर्यास्त - सायं 18:26:38
राहुकाल (अशुभ) - दोपहर 15:53 बजे से 17:29 बजे तक।।
शुभ मुहूर्त - दोपहर 12.30 बजे से 12.54 बजे तक।।
Panchang 18 August 2026
षष्ठी तिथि विशेष - मित्रों, षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।।
आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।।
मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है। परन्तु ऐसे जातक छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।।
Panchang 18 August 2026
स्वाति नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म स्वाति नक्षत्र में हुआ है तो आप एक आकर्षक चेहरे और उससे भी अधिक आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी होंगे। आपका शरीर सुडौल एवं भरा हुआ है। इस कारण आप कहीं भी जाएँ भीड़ से अलग ही दिखते हैं। आप जैसा सोचते हैं वैसा करते हैं। दिखावा आपको पसंद नहीं होता है।।
आप एक स्वतंत्र आत्मा के स्वामी होंगे जिसको किसी के भी आदेश का पालन करना कतई पसंद नहीं होगा। आप किसी पर भी तब तक मेहरबान रहते हैं जब तक कि सामने वाला आपकी आज़ादी में दखल न दे। जो भी आपकी आजादी को नुकसान पहुचाएगा वो आपके कोप भाजन का शिकार अवश्य होगा। वास्तविकता तो यह है, कि आप या तो किसी के परम मित्र हो सकते हैं या फिर परम शत्रु।।
आप स्वभाव से बहुत ही स्वाभिमानी और उच्च विचार धारा के व्यक्ति होंगे। न तो आपको किसी की संपत्ति में रूचि होगी और न ही अपनी संपत्ति में किसी की हिस्सेदारी आपको पसंद है। आपको अपने कार्यों पर किसी की टिप्पणी कतई पसंद नहीं है। यदि आपकी नज़र में सामने वाला दोषी है तो बदला लेने में आप किसी भी हद तक जा सकते हैं।।
आप अपने कार्यों को पूरे मन लगा कर मेहनत और इमानदारी के साथ करते है। आप अपने जीवन के शुरुआती 25 वर्षों में व्यवसायिक रूप से बहुत कठिनाईयां झेलेंगे। परिश्रम के अनुरूप फल प्राप्त नहीं होगा। परन्तु 30 वर्ष के उपरान्त आपको अपने किये हुए कार्यों का ब्याज समेत भुगतान मिलेगा। स्वाति नक्षत्र के जातकों के लिए न्यायिक व्यवस्था में कार्य करना सबसे अधिक लाभप्रद होता है। सैन्य क्षेत्र में आप अधिक तरक्की कर सकते है।।
आपका वैवाहिक जीवन बहुत सुखमय नहीं होगा। क्योंकि आपसी वैचारिक मतभेदों के कारण घर में शांति नहीं रहेगी। फिर भी आपकी आरती स्थिति स्थिर रहेगी, बिगड़ेगी नहीं। स्वाति नक्षत्र में जन्मी जातिकायें कभी न आलस करने वाली होती हैं। दिखने में साधारण शक्ल सूरत किन्तु बुद्धि से चपल एवं किसी भी स्थिति में अपने मनोरथ पूरे करने वाली होती हैं।।
स्वाति नक्षत्र में जन्मी जातिकायें जिद्दी होने के कारण कभी-कभी अच्छे बुरे कार्य में भेद नहीं कर पाती है। इस स्वाति नक्षत्र का जातक अपने स्वभाव से ही सभी को प्रसन्नता देनेवाला होता है। इस नक्षत्र के जातक ज्यादातर यौन रोग तथा मूत्र से सम्बंधित रोगों से ग्रसित देखे गए हैं।।
प्रथम चरण:- स्वाति नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी गुरु होता है। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक अधिकांशतः चोर प्रवृत्ति का होता है। नक्षत्र स्वामी राहु, गुरु को बिगाड़ कर अपना फल देता है अतः जातक चोर प्रवृत्ति का होता है।।
द्वितीय चरण:- स्वाति नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शनि होता है। राहु व् शनि दो पाप ग्रहों के प्रभाव में आने से जातक अल्पायु होता है। परन्तु लग्नेश शुक्र की दशा अच्छी जाएगी। राहु और शनि की मित्रता के कारण दोनों की दशाओं में जातक को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा।।
तृतीय चरण:- स्वाति नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शनि होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मे जातक पर शनि और राहु के प्रभाव के कारण मन में वैराग्य आएगा। अतः जातक धार्मिक प्रवृत्ति का हो सकता है। राहु और शनि की मित्रता के कारण दोनों की दशाओं में जातक को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा।।
चतुर्थ चरण:- स्वाति नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी गुरु होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा व्यक्ति राजा समान होता है। साथ ही बहुत अधिक भू संपत्ति का स्वामी भी होता है। परन्तु राहु एवं गुरु की दशाएं अशुभ फल देंगी।।
Panchang 18 August 2026
मंगलवार को नए कपड़े न ही खरीदना चाहिये और न ही पहली बार पहनना चाहिए। मंगलवार वाहन एवं भूमि-भवन आदि भी नहीं खरीदना चाहिये।।
मंगलवार का विशेष - मंगलवार के दिन तेल मर्दन (शरीर में तेल मालिश) करने से आयु घटती है - (मुहूर्तगणपति)।।
मंगलवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से भी आयु की हानि होती है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।
दिशाशूल - मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।।
मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी या बाल काटने या कटवाने से उम्र कम होती है। अत: मंगलवार को बाल या दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए। मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।।
मंगलवार को यथासंभव कोशिश करके मंदिर में जाकर हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी/लाल पेड़े या गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत एवं नज़र की बाधा से बचाव होता है साथ ही आपके समस्त शत्रु परास्त होते है।।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है। मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है, मांगलिक दोष दूर होता है।।
Panchang 18 August 2026
मंगलवार को जिनका जन्म होता है, वो जातक स्वभाव से उग्र, साहसी, प्रयत्नशील एवं महत्वाकांक्षी होते हैं। इनमें नेतृत्व की क्षमता अन्यों के मुकाबले बहुत शुद्ध होती है। ऐसे लोग जिम्मेदारियों के कार्य में सफल भी होते हैं। खिलाड़ी, पहलवान, सेना तथा पुलिस विभाग में सफल रहते हैं। यह जातक अधिकांशतः रक्तवर्ण या गेहूंआ रंग होता है।।
मंगलवार को जन्म लेनेवाला जातक जटिल बुद्धि वाला होता है। ये किसी भी बात को आसानी से नहीं मानते हैं। ऐसे लोग शक्की किस्म के होते हैं इसलिये सभी बातों में इन्हें कुछ न कुछ खोट दिखाई देता है। ये युद्ध प्रेमी और पराक्रमी होते हैं तथा अपनी बातों पर कायम रहने वाले होते हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे जातक हिंसा पर भी उतर आते हैं। इनके स्वभाव की एक बड़ी विशेषता है कि ये अपने कुटुम्ब का पूरा ख्याल रखते हैं।।
मंगलवार को जन्म लेने वाले व्यक्ति स्वभावानुसार क्रोधी, उग्र, पराक्रमी, जुझारू, अदम्य साहसी, आलोचना सहन न करने वाले और सांगठनिक क्षमता वाले होते हैं। नेतागिरी, पुलिस, सेना, नौकरशाह तथा खिलाड़ी के रूप में इनका कैरियर सफल रहता है। इनका शुभ अंक 3, 6, 9 तथा शुभ रंग लाल एवं मैरुन और इनका शुभ दिन मंगलवार एवं शुक्रवार होता है।।
Panchang 18 August 2026
मंगलवार का विशेष टिप्स - यदि आपके जीवन में कभी अचानक ज्यादा खर्च की स्थिति बन जाय, तो किसी भी मंगलवार के दिन हनुमानजी के मंदिर में गुड़-चने का भोग श्रद्धापूर्वक लगाएं। भोग लगाने के बाद वहीँ बैठकर 18 बार हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।।
मंगलवार के दिन ये विशेष उपाय करें - मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाना, चमेली के तेल का ही दीपक जलाना तथा माखन का भोग लगाना चाहिये, इससे हर प्रकार की मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।
आज का सुविचार - मित्रों, दुनिया में भगवान का संतुलन कितना अद्भुत हैं, 50 कि.ग्रा. अनाज का बोरा जो उठा सकता हैं वो खरीद नही सकता और जो खरीद सकता हैं वो उठा नही सकता। जब आप गुस्सें में हो तब कोई फैसला न लेना और जब आप खुश हो तब कोई वादा न करना, अगर ये याद रखेंगे तो कभी नीचा नही देखना पड़ेगा।।
Panchang 18 August 2026
अरिष्ट अर्थात एक्सिडेन्ट एवं चोट आदि लगने के योग ।।..... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें.... वेबसाईट पर पढ़ें: & ब्लॉग पर पढ़ें:


