Home Vedic Articles 27 जुलाई के चन्द्रग्रहण का समय, सावधानियाँ एवं राशिफल ।।

27 जुलाई के चन्द्रग्रहण का समय, सावधानियाँ एवं राशिफल ।।

25
0
astro classes, Astro Classes Silvassa, astro thinks, astro tips, astro totake, astro triks, astro Yoga
27 July Ko Chandra Grahan Ka Samay Savadhaniyan And Rashifal

27 जुलाई के चन्द्रग्रहण का समय, सावधानियाँ एवं राशिफल ।। 27 July Ko Chandra Grahan Ka Samay Savadhaniyan And Rashifal.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, वैसे तो आज के बुद्धिहीन तथाकथित वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रहण एक प्राकृतिक अथवा खगोलीय घटना है । परन्तु हमारी वैदिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल अत्यधिक सावधान रहने एवं जीवन में सफलता को प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर होता है ।।

मूल रूप में चंद्र ग्रहण उस स्थिति को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी छाया में आ जाता है । ऐसा तभी होता है जब सूर्य पृथ्वी और चंद्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में होते हैं ।।

इस कारण चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा तिथि को ही घटित होता है । चंद्र ग्रहण का प्रकार और अवधि चंद्र संधियों के सापेक्ष चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करते हैं । चंद्र ग्रहण को पृथ्वी के रात्रि पक्ष के किसी भी भाग से देखा जा सकता है ।।

ब्रह्मांड में घटने वाली यह घटना है तो खगोलीय है परन्तु इस घटना का धार्मिक महत्व भी बहुत है । इसका असर लोगों के ऊपर और जन्म कुंडली की 12 राशियों और ग्रहों पर भी बहुत गम्भीर रूप से पड़ता है ।।

यह इस वर्ष का दूसरा चंद्रग्रहण है जो गुरू पूर्णिमा यानी 27 जुलाई (शुक्रवार) को पड़ रहा है । यह सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण है और पूरे भारत में दिखाई देगा । यह ग्रहण आसानी से बिना किसी उपकरण की सहायता से देखा जा सकता है ।।

यह चंद्र ग्रहण 104 साल बाद पड़ रहा है ऐसा ज्योतिष के विद्वानों कि मान्यता है । इस कारण यह बहुत खास भी हो जाता है । वैदिक धर्म में चंद्र ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से बहुत विशेष महत्त्व होता है । और इसे हमारे वैदिक धर्म में शुभ नहीं माना जाता है ।।

मत्स्य पुराण के अनुसार किसी अन्य कार्य की जगह ग्रहण काल में ईश्वर की आराधना करने से शीघ्र ही सफलता मिलती है एवं सहजता से मनोकामनाओं की सिद्धि हो जाती है ।।

ग्रहण और सूतक समय ।।

आज गुरू पूर्णिमा होने के कारण पूजा ग्रहण के सूतक काल लगने से पहले कर लेनी चाहिए । चंद्र ग्रहण से पहले सूतक 9 घंटे पूर्व दोपहर 2:54 बजे से शुरू हो जाएगा । ग्रहण रात 11:54 से शुरू होकर रात 3:49 बजे समाप्त होगा ।।

आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा 27 जुलाई को इस वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण लग रहा है । यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, वैसे ग्रहण चाहे आंशिक हो या पूर्ण, यह किसी को शारीरिक, किसी को सामाजिक साथ ही किसी को आर्थिक कष्ट देता ही है ।।

ग्रहण का असर हर राशि पर पड़ता है लेकिन गर्भवती स्त्री और उसके होने वाले बच्चे के लिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव 108 दिनों तक रहता है । ऐसे में गर्भवती महिला को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है ।।

इस दिन कई कार्यों को करना अशुभ माना जाता है, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को सावधान रहने की आवश्यकता होती है । मान्यता है, कि जो गर्भवती महिलाएं ग्रहण को देख लेती हैं उनके शिशु को शारीरिक या मानसिक हानि हो सकती है ।।

गर्भवती महिलाओं को इस दिन घर में रहकर चन्द्रमा के मन्त्रों का जप करना चाहिए । साथ ही इस दिन सात अनाज एक साथ मिलाकर दान करना चाहिए ।।

पौराणिक कथा ।।

पौराणिक कथा के अनुसार माना जाता है, कि जब क्षीर सागर के मंथन के बाद भगवान विष्णु मोहिनी रूप में देवताओं को अमृत पिला रहे थे तो उस समय वृषभानु नाम का असुर देवताओं का रूप धारण करके बीच में आ गया और उसने धोखे से अमृत का पान कर लिया ।।

उस राक्षस के इस कर्म को चंद्रमा और सूर्य ने देख लिया और उन्होंने इस बारे में भगवान विष्णु को बता दिया । उसके इस छल से क्रोधित होकर भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर काट डाला ।।

क्योंकि उसने अमृत का पान कर लिया था इस कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई । गर्दन कटने के बाद असुर का ऊपरी हिस्सा राहु हो गया और बाकी शरीर केतु हो गया ।।

ब्रह्मा ने राहु-केतु को ग्रह बना दिया और इस घटना के बाद दोनों सूर्य और चंद्रमा के शत्रु बन गये । इसी कारण से वो सूर्य और चंद्रमा को केतु-राहु के रूप में ग्रसते हैं, जिसे ग्रहण कहा जाता है ।।

इसी के साथ ऋग्वेद के अनुसार माना जाता है, कि राहु जब सूर्य और चंद्रमा पर तम से प्रहार करता है तो इतना अंधेरा हो जाता है, कि धरती पर रौशनी नहीं आ पाती है ।।

ग्रह बनने के बाद राहु-केतु दुश्मनी के भाव से पूर्णिमा को चंद्रमा और अमावस्या को सूर्य पर प्रहार करता है, इसे ग्रहण या राहु पराग भी कहा जाता है ।।

ग्रहण का राशि पर प्रभाव ।।

मित्रों, यह ग्रहण मकर और कर्क राशि तथा उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र में पड़ रहा है । खास बात यह है, कि इस दौरान चंद्र, मंगल और केतु तीनों मकर राशि में मौजूद रहेंगे । चूंकि यह ग्रहण मकर और कर्क राशि में हो रहा है इसलिए कर्क राशि, कर्क लग्न मकर लग्न, मकर राशि वालों के लिए ग्रहण शुभ नहीं रहेगा ।।

चंद्र मंगल के एक साथ एक ही राशि में रहने से कर्क, मकर और सिंह राशि वालों को मानसिक कष्ट होगा । शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस करेंगे । आर्थिक मामलों में सावधानी रखने की आवश्यकता होगी । अन्य राशि वाले भी ग्रहण के प्रभाव में आएंगे और इसके वजह से पारिवारिक मतभेद बढ़ेंगे ।।

पृथ्वी पर ग्रहण का प्रभाव ।।

चंद्र ग्रहण के कारण पृथ्वी पर अतिवर्षा होने की संभावनाएं बनेंगी । भूस्खलन, बाढ़, भूकंप, समुद्र में तूफान, आंधी जैसी घटनाएं हो सकती हैं । ट्रेन दुर्घटना की आशंका भी बनेंगी । ग्रहण के दौरान सूर्य राहु के साथ और चंद्र केतु और मंगल के साथ में मौजूद रहने के कारण लोगों का मन काफी विचलित रहेगा ।।

जिसके कारण लोग स्थिर हो कर काम नहीं कर पाएंगे तथा आपसी द्वेष बढ़ेंगे । चंद्र ग्रहण का प्रभाव लोगों के मन को बहुत जल्दी प्रभावित करता है । इस कारण इसका प्रभाव भी सवा महीने पहले से दिखने लगता है । साथ ही आगे सवा महीने तक रहता ।।

चन्द्र ग्रहण राशिफल ।।

मित्रों, आइये सभी राशियों के फल के विषय में हृषिकेश पञ्चांग के आधार पर बात करते हैं । यह राशिफल चन्द्र राशि पर आधारित है तथा बहुत ही सामान्य आधार पर है । परन्तु किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे । अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा-अंतर दशा पर ही निर्भर करते हैं ।।

मेष राशि वालों को धन लाभ एवं उन्नति के योग बनेंगे परन्तु माता के लिये कष्ट एवं पारिवारिक कष्ट के योग भी रहेंगे ।।

वृषभ राशि वालों के बहनों को कष्ट, करीबियों से धोखा एवं इनका भाग्य पक्ष कमजोर होने के योग बनेंगे ।।

मिथुन राशि वालों को धन हानि, यात्रा एवं कुटुंब से परेशानी और कष्ट, वाणी दोष, शिक्षा में व्यवधान एवं शारीरिक कष्ट के योग बनेंगे ।।

कर्क राशि वालों के लिये दुर्घटना, शारिरीक कष्ट, अपमान और हानि का योग इस ग्रहण के वजह से बनेंगे ।।

सिंह राशि वालों को यात्रा एवं बहुत अधिक व्यय और चिंता तथा अनजाने भय का योग बनेगा ।।

कन्या राशि वालों को आर्थिक लाभ, बौद्धिक क्षमता बेहतर, शिक्षा में सफलता एवं धन के स्रोत में वृद्धि के योग बनेंगे ।।

तुला राशि वालों को रोग, कष्ट, भय, पद हानि एवं पिता को कष्ट के योग बनेंगे ।।

वृश्चिक राशि वालों के भाग्य अवरोध, बड़ी हानि एवं मानसिक कष्ट के योग बनेंगे ।।

धनु राशि वालों को शत्रु भय, अपमान, शारिरीक कष्ट, जल से भय एवं खर्च की अधिकता जैसे कष्टों का सामना करना पड़ सकता है ।।

मकर राशि वालों के जीवन साथी को कष्ट, विछोह, साझेदारी में हानि, आर्थिक कष्ट एवं पारिवारिक विवाद जैसे कष्ट हो सकते हैं ।।

कुम्भ राशि वालों को रोग और शत्रुओं से हानि, गुप्त शत्रुओं कि उत्पत्ति, चिंता एवं संघर्ष जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है ।।

मीन राशि वालों की शिक्षा में बाधा, मन में परेशानि, अनजाना भय, प्रगति में बाधा, गर्भवती महिलों को कष्ट एवं संतान से कष्ट के योग बनेंगे ।।

ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे  YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं – Click Here & Watch My YouTube Channel.

इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज – My facebook Page.

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।

संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।

WhatsAap & Call: +91 – 8690 522 111.
E-Mail :: astroclassess@gmail.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here