आज 11 अगस्त के लिये कुछ विशेष एवं पञ्चांग ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण । आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें । इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो । ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है ।।

मेरे प्रियात्मनों, यह वेबसाईट बिलकुल नि:शुल्क है । यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको हमारे लेख पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप स्वयं हमारे साईट पर विजिट करें एवं अपने सभी सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं ।।

।। पधारने हेतु स्वामी धनञ्जय महाराज की ओर से आपका ह्रदय से धन्यवाद । आप का आज का दिन मंगलमय हो ।।

वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है । इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे । शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है । वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है ।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है । योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है । उनसे वियोग नहीं होता है । करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है । इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए ।।

astro classes, Astro Classes Silvassa, astro thinks, astro tips, astro totake, astro triks, astro Yoga

पञ्चांग, आज का पञ्चांग, Panchang, Panchang 2018,
आज का लेख एवं 11 अगस्त 2018 दिन शनिवार का पंचाग ।।
आज 11 अगस्त के लिये कुछ विशेष एवं पञ्चांग ।।
Aaj-11-August-ka-Panchang.

विक्रम संवत् – 2075.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – विरोधकृत.

शक – 1940.

अयन – दक्षिणायन.

गोल – उत्तर.

ऋतु – वर्षा.

मास – श्रावण.

पक्ष – कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – आषाढ़ कृष्ण पक्ष.

#Aaj-11-August-ka-Panchang

तिथि – अमावस्या 15:29 PM बजे तक उपरान्त प्रतिपदा तिथि है ।।

नक्षत्र – पुष्य 02:55 AM तक उपरान्त आश्लेषा नक्षत्र है ।।

योग – व्यतिपात 11:45 AM बजे तक उपरान्त वरियान योग है ।।

करण – चतुष्पाद 05:18 AM तक उपरान्त नाग 15:29 PM तक उपरान्त किन्स्तुघ्न करण है ।।

चन्द्रमा – कर्क राशि पर ।।

सूर्योदय – प्रातः 06:17:46

सूर्यास्त – सायं 19:08:25

राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक ।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.31 बजे से 12.55 बजे तक ।।

#Aaj-11-August-ka-Panchang

अमावस्या तिथि विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है । शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है । अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है । अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं । यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है ।।

मित्रों, अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है । किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है । जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है । इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है ।।

ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है । अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये । आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है । अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये । घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं ।।

विशेष ज्ञान – मित्रों, रविवार कि सप्तमी, सोमवार कि सोमवती अमावस्या (अथवा किसी दिन की भी अमावस्या हो), मंगलवार कि चतुर्थी और बुधवार कि अष्टमी । इन चारों तिथियों में किया गया मन्त्र जप सिद्ध हो जाता है । इनमें किया गया श्राद्ध-तर्पण, तीर्थ स्नान एवं दान अक्षय हो जाता है, क्योंकि इन तिथियों को सूर्यग्रहण के बराबर पुण्यदायिनी माना गया है ।। (शिवपुराण, विद्येश्वर संहिता, अध्याय – 10.)

मित्रों, अमावस्या तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति चतुर एवं कुटिल होता है । इनके मन में दया के भावनाओं की बहुत ही कमी होती है । इनके स्वभाव में ईर्ष्या अर्थात दूसरों से जलने की प्रवृति होती है । इनके व्यवहार एवं आचरण में कठोरता दिखाई देती है । ये दीर्घसूत्री अर्थात किसी भी कार्य को पूरा करने में काफी समय लगाते हैं ।।

#Aaj-11-August-ka-Panchang

शनिवार को जूते-चप्पल, लोहे की बनी वस्तुयें, नया अथवा पुराना भी वाहन नहीं खरीदना चाहिये एवं नए कपड़े न खरीदना और ना ही पहली बार पहनना चाहिये ।।

शनिवार का विशेष – शनिवार के दिन तेल मर्दन “मालिश” करने से हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती हैं – (मुहूर्तगणपति) ।।

शनिवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से आयुष्य की हानि होती है । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।

शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है । पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है ।।

दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है ।।

#Aaj-11-August-ka-Panchang

जिस व्यक्ति का जन्म शनिवार को होता है उस व्यक्ति का स्वभाव कठोर होता है । ये पराक्रमी एवं परिश्रमी होते हैं तथा इनके ऊपर दु:ख भी आये तो ये उसे भी सह लेना जानते हैं । ये न्यायी एवं गंभीर स्वभाव के होते हैं तथा सेवा करना इन्हें काफी पसंद होता है ।।

शनिवार को जन्म लेनेवाले जातक कुछ सांवले रंग के, साहसी, मैकेनिक अथवा चिकित्सक होते हैं । इनमें से कुछ अपने कार्य में सुस्त भी होते हैं, जैसे देर से जागना, देर तक सोना भी इनकी आदतों में शुमार होता है । पारिवारिक जिम्मेदारियां भी अधिक रहती है इसलिये ये एक मेहनतकश इंसान होते हैं । सफलता के मार्ग में रूकावटों का भी सामना करना पड़ता है ।।

शनिवार को जन्मलेनेवाले जातकों के स्वाभाव में साहस लक्षित होता है । सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं । ऐसे लोग अधिकांशतः सांवले रंग के होते हैं । इन जातकों को अपने कैरियर के लिये डॉक्‍टर, इंजीनियर तथा मैकेनिक के क्षेत्र का चयन करना चाहिये । इनका शुभ अंक 3, 6 और 9 तथा इनका शुभ दिन शनिवार और मंगलवार होता है ।।

आज का सुविचार – मित्रों, रात लम्बी और काली हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि सुबह होगी ही नहीं । ठीक उसी तरह असफलता का दौर लम्बा हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब ये कतई नहीं होता कि आपको अब कभी सफलता मिलेगी ही नहीं ।।

#Aaj-11-August-ka-Panchang

शनि देव मेहरबान हों तो इंजीनियर और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाते है ।।…. आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

“वृषभ राशि की कुण्डली का सम्पूर्ण विश्लेषण, भाग-7,।।” – My trending video.

“मिथुन राशि की कुण्डली का सम्पूर्ण विश्लेषण, भाग-7,।।” – My Latest video.

ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं – Watch YouTube Video’s.

इस तरह की अन्य बहुत सारी जानकारियों, ज्योतिष के बहुत से लेख, टिप्स & ट्रिक्स पढने के लिये हमारे ब्लॉग एवं वेबसाइट पर जायें तथा हमारे फेसबुक पेज को अवश्य लाइक करें, प्लीज – My facebook Page.

#Aaj-11-August-ka-Panchang

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।

संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।

WhatsAap & Call: +91 – 8690 522 111.
E-Mail :: astroclassess@gmail.com

Balaji Jyotish Kendra, Silvassa

कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने तथा वास्तु विजिटिंग के लिये अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें । पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं । ज्योतिष पढ़ने के लिये संपर्क करें - बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!