Home Kal Sarp Yoga आठवाँ “कर्कोटक ” नामक कालसर्प योग ।।

आठवाँ “कर्कोटक ” नामक कालसर्प योग ।।

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आठवाँ “कर्कोटक ” नामक कालसर्प योग ।। 8.Karkotak Namak KaalSarpa Dosha

कालसर्प दोष के सभी भेदों में से आठवें ”कर्कोटक नामक कालसर्प दोष” को उदाहरण सहित एवं कुंडली प्रस्तुत करते हुए समझाने का प्रयास कर रहे है शायद आपलोगों को अच्छी तरह समझ में आये ।।

राहु अष्टम स्थान में और केतु दूसरे स्थान में हो तो कर्कोटक नाम कालसर्प योग बनता है । जैसा कि हम इस बात को पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं, ऐसे जातकों के भाग्योदय में इस योग की वजह से बहुत तरह से रुकावटें आती हैं ।।

नौकरी मिलने व पदोन्नति होने में भी कठिनाइयां आती हैं । कभी-कभी तो उन्हें बड़े ओहदे से छोटे ओहदे पर काम करने का भी दंड भुगतना पड़ता है ।।

पैतृक संपत्ति से भी ऐसे जातकों को मनोनुकूल लाभ नहीं मिल पाता । व्यापार में भी समय-समय पर क्षति होती रहती है । कोई भी काम अच्छे से चल नहीं पाता ।।

Karkotak Namak KaalSarpa DoshaKarkotak Namak KaalSarpa Dosha

कठिन परिश्रम के बावजूद भी उन्हें पूरा लाभ नहीं मिलता । मित्रों से धोखा मिलता है तथा शारीरिक रोग व मानसिक परेशानियों से व्यथित जातक को अपने कुटुंब व रिश्तेदारों के बीच भी सम्मान नहीं मिलता ।।

चिड़चिड़ा स्वभाव व मुंहफट बोली से उसे कई झगड़ों में फंसना पड़ता है । उसका उधार दिया पैसा भी डूब जाता है । ऐसे जातक को शत्रु षडयंत्र व अकाल मृत्यु का बराबर भय बना रहता है ।।

उक्त परेशानियों से बचने के लिए जातक निम्न उपाय कर सकते हैं ।।

दोष निवारण के कुछ सरल उपाय:-

१.हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें और पांच मंगलवार का व्रत करते हुए हनुमान जी को चमेली के तेल में घुला सिंदूर व बूंदी के लड्डू चढ़ाएं ।।

२.काल सर्प दोष निवारण यंत्र घर में स्थापित कर उसका प्रतिदिन पूजन करें और शनिवार को कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना मुंह देखकर एक सिक्का अपने सिर पर तीन बार घुमाते हुए तेल में डाल दें और उस कटोरी को किसी गरीब आदमी को दान दे दें अथवा पीपल की जड़ में रख दें ।।

३.सवा महीने तक जौ के दाने पक्षियों को खिलाएं और प्रत्येक शनिवार को चींटियों को शक्कर मिश्रित सत्तू उनके बिलों पर डालें ।।

४.अपने सोने वाले कमरे में लाल रंग के पर्दे, चादर व तकियों का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करें ।।

५.किसी शुभ मुहूर्त में सूखे नारियल के फल को बहते जल में तीन बार प्रवाहित करें तथा किसी शुभ मुहूर्त में शनिवार के दिन बहते पानी में तीन बार कोयला भी प्रवाहित करें ।।

इस प्रकार के छोटे-छोटे उपायों से इस प्रकार के दोषों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-शान्ति तथा व्यवसाय में उन्नति प्राप्त होती है ।।

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।।। नारायण नारायण ।।।

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