मेष लग्न की कुंडली में बारहों घरों में चन्द्रमा का फल ।।

मेष लग्न की कुंडली में बारहों घरों में चन्द्रमा का फल ।। Mesh Lagna me Chandrama.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, मेष लग्न की कुंडली में चन्द्रमा चतुर्थ भाव का स्वामी होता है । इस वजह से यह एक कारक ग्रह माना जाता है । अतः ऐसा चन्द्रमा जिस भाव में बैठेगा और जिस भाव को देखेगा उन भावों से सम्बंधित फलों को सकारात्मक तरीके से प्रभावित करेगा और साथ ही उनके शुभ फलों में भी वृद्धि करेगा ।।

मेष लग्न की कुंडली में अगर चन्द्रमा बलाबल के हिसाब से बलवान होकर शुभ स्थिति में हो तो शुभ फ़ल अधिक प्राप्त होते हैं । इस लग्न कुंडली में चन्द्रमा डिग्री में ताकतवर न हो तो इनके शुभ फलों में कमी आती है । यहां अगर 6, 8 और 12वें भावों में जाने से योगकारक ग्रह भी अपना शुभत्व लगभग खो देते हैं और अशुभ परिणाम देने के लिए बाध्य हो जाते हैं ।।

केवल विपरीत राजयोग की स्थिति में ही 6, 8 और 12वें घरों में बैठे ग्रह शुभ फल प्रदान करने में सक्षम होते हैं । इस लग्न कुंडली में चन्द्रमा चौथे घर का स्वामी होता है । ऐसे में यहाँ विपरीत राजयोग का निर्माण होता ही नहीं है । ऐसे में चन्द्रमा यहाँ 6, 8 और 12वें भाव में स्थित होने पर अशुभ फल ही प्रदान करते है । चन्द्रमा नीच राशिस्थ होने पर अधिकतर अशुभ फल ही प्रदान करता है । कोई भी निर्णय लेने से पूर्व चन्द्रमा का बलाबल अवश्य देखना चाहिये ।।

प्रथम भाव में चन्द्रमा ।। Moon in first home.

मेष लग्न की कुंडली में यदि लग्न में चन्द्रमा हो तो जातक अत्यधिक भावुक होता है । निर्णय लेने की क्षमता में भी कमी आती है । माता से बहुत लगाव रखने वाला होता है । सुख सुविधाओं से परिपूर्ण जीवन होता है । क्रिएटिव फील्ड में बहुत अच्छा काम कर सकता है । जातक का जीवन साथी बहुत सुंदर होता है ।।

द्वितीय भाव में चन्द्रमा ।। Moon in Second home.

यहां वृष राशि में होने के वजह से चन्द्रमा उच्च का हो जाता है । इसलिये ऐसे जातक को धन, परिवार और कुटुंब का भरपूर साथ मिलता है । ऐसे लोगों की वाणी में कमाल का आकर्षण होता है । ऐसे लोग अपनी वाक् शक्ति से सारी बाधाओं को पार कर लेते हैं । ऐसा जातक अपनी वाणी से अधिकतर काम निकालने में सक्षम होता है ।।

तृतीय भाव में चन्द्रमा ।। Moon in third home.

ऐसे जातक को जीवन के सुख सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ती है । इनके छोटी बहन का योग बनता है । परन्तु इनका अपने पिता से मन मुटाव अवश्य रहता है । अधिकांशतः ऐसा जातक भगवान को भी मानने वाले नहीं होते हैं ।।

चतुर्थ भाव में चन्द्रमा ।। Moon in fourth home.

यहाँ चतुर्थ भाव में कर्क राशि का चन्द्रमा स्वराशि का होता है । इस वजह से ऐसा चन्द्रमा जातक को भूमि, मकान, वाहन एवं माता का पूर्ण सुख प्रदान करता है । इनके काम काज भी बेहतर स्थिति में होता है ।।

पञ्चम भाव में चन्द्रमा ।। Moon in fifth home.

सिंह राशिस्थ चन्द्रमा के वजह से जातक को पुत्री का योग बनता है । साथ ही अचानक लाभ की स्थिति भी बनती है । बड़े भाइयों बहनों से संबंध मधुर रहते हैं । जातक रोमांटिक होता/होती है । ऐसे जातकों के गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड बहुत आकर्षक होते है ।।

छठे घर में चन्द्रमा ।। Moon in Sixth home.

षष्ठस्थ चन्द्रमा के वजह से जातक के पैदा होते ही माता के बीमार होने का योग बनता है । चन्द्रमा की महादशा में इनकी माता अवश्य बीमार रहती है । सुख सुविधाओं का अभाव होने लगता है । कोर्ट केस, हॉस्पिटल का खर्चा बढ़ जाता है साथ ही दुर्घटना का भय भी बंना रहता है ।।

सप्तम भाव में चन्द्रमा ।। Moon in Seventh home.

सप्तमस्थ चन्द्रमा के वजह से जातक का जीवन साथी बहुत सुंदर होता है । ऐसे लोगों के व्यवसाय में और साझेदारों से भी लाभ मिलता है ।।

अष्टम भाव में चन्द्रमा ।। Moon in Eight home.

यहां वृश्चिक राशि का चन्द्रमा नीच का हो जाता है, जिसके वजह से और साथ ही अष्टम भाव होने से जातक के हर काम में रुकावट आती है । कभी कभी जातक डिप्रेशन का भी शिकार हो जाता है । परिवार के लोग भी ऐसे जातक की मदद नहीं कर पाते हैं ।।

नवम भाव में चन्द्रमा ।। Moon in Nine home.

नवमस्थ चन्द्रमा के वजह से जातक आस्तिक एवं पितृ भक्त होता है । ऐसा जातक जीवन में कई बार विदेश यात्रा करता है ।।

दशम भाव में चन्द्रमा ।। Moon in Tenth home.

दशमस्थ चन्द्रमा जातक के सुख सुविधाओं में बढ़ोतरी करता है । ऐसे जातक का काम काज भी बहुत अच्छा चलता है ।।

एकादश भाव में चन्द्रमा ।। Moon in Eleventh home.

यहां स्थित होकर चन्द्रमा जातक के बड़े भाई बहनों का स्नेह बनाकर रखता है । प्रॉपर्टी से लाभ की संभावना बनती है साथ ही अचानक लाभ होता है ।।

द्वादश भाव में चन्द्रमा ।। Moon in Twelfth home.

यहाँ बैठे चन्द्रमा के वजह से जातक का मन परेशान रहता है । सुविधाएं हो भी तो उनका पूर्ण सुख नहीं ले पाता । जीवन में सुख की कमी सदैव महशुश होते रहती है । कोर्ट केस, हॉस्पिटल में खर्चा होता है । साथ ही दुर्घटना का भय भी बंना रहता है ।।

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