पञ्चांग 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार।। Panchang 23 February 2026

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

पञ्चांग 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार।। Panchang 23 February 2026
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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार।।

मित्रों, तारीख 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष कि षष्ठी तिथि है। आज की षष्ठी को श्रीस्कन्दषष्ठी व्रत के नाम से जाना जाता है। आज की षष्ठी में गोरुपिणीषष्ठी व्रत बंगाल में होता है। आज रवियोग एवं यायीजययोग भी है। आप सभी सनातनियों को "श्रीस्कन्दषष्ठी व्रत" की हार्दिक शुभकामनायें।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 23 February 2026

आज का पञ्चांग 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार।। Aaj ka Panchang 23 February 2026.

विक्रम संवत् - 2082.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - कालयुक्त.

शक - 1946.

अयन – याम्यायनम्.

गोल - सौम्य.

ऋतु – बसन्त.

मास - फाल्गुन.

पक्ष - शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – फाल्गुन शुक्ल पक्ष.

Panchang 23 February 2026

तिथि - षष्ठी 09:10 AM बजे तक उपरान्त सप्तमी तिथि है।।

नक्षत्र - भरणी 16:34 PM तक उपरान्त कृत्तिका नक्षत्र है।।

योग - ब्रह्म 10:19 PM तक उपरान्त ऐन्द्र योग है।।

करण - तैतिल 09:10 AM तक उपरान्त गर 20:08 PM तक उपरान्त वणिज करण है।।

चन्द्रमा - मेष राशि पर 22:13 PM तक उपरान्त वृषभ राशि पर।।

सूर्य – कुम्भ राशि एवं शतभिषा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।

मुम्बई सूर्योदय - प्रातः 07:03:59

मुम्बई सूर्यास्त - सायं 18:39:03

वाराणसी सूर्योदय - प्रातः 06:19:41

वाराणसी सूर्यास्त - सायं 17:41:37

राहुकाल (अशुभ) - सुबह 08:31 बजे से 09:58 बजे तक।।

विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.40 बजे से 13.04 बजे तक।।

Panchang 23 February 2026

षष्ठी तिथि विशेष - मित्रों, षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।।

आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।।

मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है। परन्तु ऐसे जातक छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।।

Panchang 23 February 2026

भरणी नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म भरणी नक्षत्र में हुआ है तो आप एक दृढ़ निश्चयी, चतुर एवं सदा सत्य बोलने वाले होंगे। शुक्र के कारण जहाँ आप सुखी एवं ऐश्वर्य पूर्ण जीवन जियेंगे वही शुक्र मंगल की राशि में आपकी काम वासना भी अधिक बढ़ाएगा। आपके अनेक मित्र होंगे और आप अपने मित्रों में बहुत अधिक लोकप्रिय भी होंगे। क्योंकि आप अपने मित्रों की सहायता करने में कभी पीछे नहीं हटते हैं।।

मित्रता करने में आप विशेष सावधानी भी बरतते हैं। चुगलखोर और छिछोरे मित्र आपको कतई पसंद नहीं है। आप जल्दी ही किसी से भी घुलना मिलना पसंद नहीं करते। स्वभाव से थोड़े स्थिर एवं योजनाबद्ध तरीके से काम करना आपको पसंद है। आप बिना सोचे समझे जीवन में कोई भी कदम नहीं उठाना चाहते हैं। परन्तु जो एक बार आप ठान लेते हैं तो आप किसी का हस्तक्षेप या सुझाव पसंद नहीं करते हैं।।

जो मार्ग आपके अनुसार सही है उससे आप कभी नहीं डगमगाते। आप अपने विचारों को प्रकट करने में नहीं हिचकिचाते। चाहे उन्हें कोई पसंद करे या नहीं। आप अपना नुक्सान करा सकते हैं परन्तु चापलूसी करना आपको कतई पसंद नहीं होगा। आप स्वयं के सिद्धांतों पर चलना पसंद करते हैं। साथ ही आप अपने नैतिक मूल्यों की रक्षा जीवन पर्यंत करतें हैं। ईश्वर ने आपको एक और विलक्षण गुण दिया हुआ है वह है दूरदर्शिता।।

इस कारण आप आने वाले संकट को पहले ही भांप जाते हैं और अपने आपको भविष्य में होने वाली घटनाओं के लिए तैयार भी कर लेते हैं। खर्चे के मामले में आप करीबी मित्रों और रिश्तेदारों में कंजूस के नाम से जाने जाते हैं परन्तु यह आपका स्वभाव है। आप बिना सोचे समझे धन खर्च नहीं करना चाहते हैं। फ़िज़ूल के खर्च और व्यर्थ के दिखावे आपको कतई पसंद नहीं हैं।।

आप एक हिम्मती व्यक्तित्व के स्वामी हैं छोटी मोटी घटनाएं आपके साहस को हिला नहीं पाती हैं। शारीरिक रूप से आप ऊँचे एवं मजबूत कद काठी के व्यक्ति होंगे। आपकी हड्डियां काफी मज़बूत और आँखें बहुत जोशीली होंगी। आपको घूमने का बहुत शौक होगा। खाने में आप तेज़, मसालेदार गर्म और चटपटे खाना पसंद करते हैं। आप अपने जीवन में कई बार सफलता की उंचाई पर पहुँच कर अचानक गिरते हैं।।

इन्ही उतार चढ़ाव के कारण जीवन 33 वर्ष तक अस्त व्यस्त रहता है। परन्तु उसके पश्चात समय और स्तिथियाँ आपके पक्ष में ही रहती हैं। भरणी नक्षत्र के जातक अपने परिवार से बहुत अधिक स्नेह रखते हैं। साथ ही उनके बिना बहुत अधिक समय तक नहीं रह पाते हैं। विवाह के उपरान्त पारिवारिक जीवन सुखमय रहता है। एक सुंदर एवं सुशील पत्नी का साथ आपको मिलता है।।

आपकी पत्नी का धन के मामले में लापरवाह होना आपके बीच मतभेद पैदा कर सकता है। भरणी नक्षत्र में जन्मी स्त्रियाँ निडर एवं दृढ स्वभाव वाली होती हैं। भरणी नक्षत्र में जन्मी महिलाएं सफल राजनेता या समाजिक कार्यकर्ता होती हैं। आपका मन चंचल एवं सदा भटकने वाला होता है। भरणी नक्षत्र में जन्मी महिलाएं अनायास ही पुरुषों के प्रति आकर्षित हो जाती हैं।।

अन्य महिलाओं की भांति आपकी रूचि साज सज्जा में नहीं होती है। अपितु आप स्वभाव से कठोर होती हैं। स्वभाव से अडिग एवं स्थिर मनोवृत्ति के ऐसे जातक होते हैं। अग्नि द्वारा जलने से, अकस्मात गिरने से चोट का खतरा आपको हो सकता है। आपको नेत्र रोग, और स्त्रियों में गर्भ एवं गर्भाशय से सम्बंधित समस्याएं हो सकती है।।

प्रथम चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके प्रथम चरण का स्वामी ग्रह सूर्य हैं। भरणी नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म होने के कारण जातक स्वभाव से संकोची होते हैं। आशावादी होते हुए भी कभी-कभी निराशावादी हो जाते हैं। जातक को मंगल एवं शुक्र की दशा शुभ फलदायी होगी। नक्षत्र चरण का स्वामी सूर्य शुक्र का शत्रु है। इस कारण सूर्य की दशा में जातक थोडा परेशान रहेगा।।

द्वितीय चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके द्वितीय चरण का स्वामी ग्रह चन्द्रमा हैं। भरणी नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म होने के कारण जातक स्वभाव चंचल एवं खुराफाती होता है। वह जीवन में सफल तो होगा परन्तु मानसिक रूप से परेशान एवं अशांत रहेगा। जातक को मंगल एवं शुक्र की दशा ठीक रहेगी। नक्षत्र चरण का स्वामी चन्द्रमा शुक्र का परम शत्रु है। इस कारण चन्द्र की दशा में जातक मानसिक रूप से परेशान रहेगा।।

तृतीय चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके तृतीय चरण का स्वामी ग्रह शुक्र हैं। भरणी नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म होने के कारण जातक स्वभाव से क्रूर एवं निर्दयी होते हैं। साहस पूर्ण एवं जोखिम भरे कार्य करने में सदा रूचि रखते हैं। लग्न नक्षत्र स्वामी और नक्षत्र चरण स्वामी शुक्र के होने के कारण जातक थोडा रंगीन मिजाज़ का भी होगा। जातक को मंगल एवं शुक्र की दशा उत्तम फलदायी होगी।।

चतुर्थ चरण:- भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इसके चतुर्थ चरण का स्वामी ग्रह मंगल हैं। भरणी नक्षत्र के चौथे चरण में जन्म होने के कारण जातक बहादुर एवं साहसी होगा। परन्तु सब कुछ होते हुए भी जीवन भर धन की कमी महसूस करता रहेगा। लग्न नक्षत्र का स्वामी शुक्र लग्नेश मंगल से समभाव रखता है। इस कारण जातक की मंगल एवं शुक्र की दशा अच्छी जाएँगी।।

Panchang 23 February 2026

सामान्यतया सोमवार शॉपिंग के लिए अच्छा दिन माना जाता है।।

सोमवार का विशेष - सोमवार के दिन तेल मर्दन अर्थात् तेल मालिश करने से चहरे और शरीर की कान्ति बढ़ती है - (मुहूर्तगणपति)।।

सोमवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से शिव भक्ति की हानि होती है। पुत्रवान पिता को तो कदापि नहीं करना चाहिये। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल - सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।।

सोमवार के दिन ये विशेष उपाय करें - सोमवार को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।

Panchang 23 February 2026

मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म सोमवार को होता है, वो जातक शांत प्रवृत्ति के गौर वर्ण लिए हुये होते हैं। सोमवार चन्द्र प्रधान दिन होता है, इसलिये इस जातक में कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण परिलक्षित होते हैं। माता के प्रिय एवं सद्गुणों से युक्त ये जातक कवि ह्रदय, सफेद वस्तुओं से लाभ पाने वाला, यात्रा का शौकीन, जलाशयों एवं प्रकृति का प्रेमी होता है।।

सोमवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है। इनकी प्रकृति यानी इनका स्वभाव शान्त होता है। इनकी वाणी मधुर और मोहित करने वाली होती है। ये स्थिर स्वभाव वाले होते हैं सुख हो या दु:ख सभी स्थिति में ये समान रहते हैं। धन के मामले में भी ये भाग्यशाली होते हैं तथा इन्हें सरकार एवं समाज से मान-सम्मान मिलता है।।

इस दिन जन्म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्य् क पालन या मछली का व्यवसाय, पत्थरों का व्यवसाय, कपड़े का व्यंवसाय शुद्ध फलता है। इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए कैरियर के लिहाज से आप जहां भी जायें सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को ही चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता हो, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्थयर आदि से जुड़ा व्यवसाय।।

आज का सुविचार - मित्रों, जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में। जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा। हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती।।

Panchang 23 February 2026

चन्द्रमा द्वारा निर्मित कुछ अतुलनीय धनदायक योग।।...... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें.... वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

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Panchang 23 February 2026

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