पञ्चांग 22 जून 2026 दिन सोमवार।। Panchang 22 June 2026

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पञ्चांग 22 जून 2026 दिन सोमवार।। Panchang 22 June 2026

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 22 जून 2026 दिन सोमवार।।

मित्रों, तारीख 22 जून 2026 दिन सोमवार को शुद्ध ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज सूर्यदेवता मृगशिरा नक्षत्र को छोड़कर आर्द्रा नक्षत्र पर (रात्रि 08:28 PM) पर चले जायेंगे। अर्थात आज रात्रि से आर्द्रा नक्षत्र के सूर्य देवता हो जायेंगे। इसका विवरण इस प्रकार है, स्त्री.स्त्री.- सूर्य.चन्द्र. खरवाहन एवं नाड़ी सौम्य है। जिसका स्वामी गुरु है और सामान्य वर्षा का योग रहेगा। आज सायं प्रदोष काल में शिवलिङ्ग पर शहद का लेपन अवश्य करें। आंवला, बेल एवं पीपल वृक्ष के जड़ में गाय के शुद्ध देशी घी का दीपक लाल रक्षा सूत्र (नाड़े) से बनाकर जलायें। आज यायीजययोग भी है। आज रवियोग भी है। आज के इन उपरोक्त उपायों से सभी दोषों से मुक्ति एवं धन-धान्य तथा अनेकों प्रकार की खुशियों से घर भर जाएगा। आप सभी सनातनियों को "सूर्यदेवता के आर्द्रा नक्षत्र के संक्रांति" की हार्दिक शुभकामनायें।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

पञ्चांग 22 जून 2026 दिन सोमवार।। Panchang 22 June 2026आज का पञ्चांग 22 जून 2026 दिन सोमवार।।
Aaj ka Panchang 22 June 2026.

विक्रम संवत् - 2083.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - रौद्र.

शक - 1948.

अयन – सौम्यायनम्.

गोल - याम्य.

ऋतु – ग्रीष्म.

मास - शुद्ध ज्येष्ठ.

पक्ष - शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष.

Panchang 22 June 2026

तिथि - अष्टमी 15:40 PM बजे तक उपरान्त नवमी तिथि है।।

नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी 10:23 AM तक उपरान्त हस्त नक्षत्र है।।

योग - व्यतिपात 10:31 AM तक उपरान्त वरियान योग है।।

करण - विष्टि 03:26 AM तक उपरान्त बव 15:40 PM तक उपरान्त बालव करण है।।

चन्द्रमा - कन्या राशि पर।।

सूर्य – मिथुन राशि एवं मृगशिरा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।

मुम्बई सूर्योदय - प्रातः 06:00:51

मुम्बई सूर्यास्त - सायं 19:19:11

वाराणसी सूर्योदय - प्रातः 05:13:41

वाराणसी सूर्यास्त - सायं 06:47:37

राहुकाल (अशुभ) - सुबह 07:41 बजे से 09:21 बजे तक।।

विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.28 बजे से 12.52 बजे तक।।

Panchang 22 June 2026

अष्टमी तिथि विशेष:- अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि शुक्ल पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।।

इस अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।

मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।।

मित्रों, अष्टमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति धर्मात्मा होता है। मनुष्यों पर दया करने वाला तथा हरेक प्रकार के गुणों से युक्त गुणवान होता है। ये कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी निपुणता से पूरा कर लेते हैं। इस तिथि के जातक सत्य का पालन करने वाले होते हैं यानी सदा सच बोलने की चेष्टा करते हैं। इनके मुख से असत्य तभी निकलता है जबकि किसी मज़बूर को लाभ मिले।।

Panchang 22 June 2026

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति युद्ध विद्या में निपुण, लड़ाकू एवं साहसी होता है। ऐसे लोग देश और समाज में अपने रौबीले व्यक्तित्व के कारण पहचाने जाते हैं। उत्तराफाल्गुनी के जातक दूसरों का अनुसरण नहीं करते अपितु लोग उनका अनुसरण करते हैं। आपमें नेतृत्व के गुण जन्म से ही होते हैं अतः आप अपना कार्य करने में खुद ही सक्षम होते हैं।।

इस नक्षत्र में जन्मा जातक दूसरों के इशारों पर चलना पसंद नहीं करता। यह लोग सिंह की भाँती अकेले ही अपना शिकार खुद करते हैं। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र जातक राजा के समान भोगी एवं पराई स्त्री में रूचि रखने वाले होते हैं। चन्द्रमा के प्रभाव में यदि हो तो जातक विद्या बुद्धि से युक्त धनी एवं भाग्यवान होता है। उत्तराफाल्गुनी के  जातक मित्र बनाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।।

ऐसे लोग मित्रों की सहायता करने तथा उनसे सहायता प्राप्त करने में भी यह संकोच नहीं करते हैं। ऐसे जातक मित्रों को बहुत महत्व देते हैं। मित्रता के सम्बन्ध में भी इनके साथ यह बातें लागू होती हैं। ये जिनसे दोस्ती करते हैं उसके साथ लम्बे समय तक मित्रता निभाते हैं। उदारता तथा दूसरों की सहायता करना आपके स्वभाव में ही  है। आप अतिथितियों के आदर सत्कार में कभी कोई कमी नहीं छोड़ते हैं।।

ऐसे लोग बुद्धिमान होने के साथ-साथ व्यवहार कुशल एवं हास्य प्रेमी भी होते हैं। अपनी इन्ही विशेषताओं के कारण आप सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। आपके लिए व्यापार एवं व्यवसाय या अन्य निजि कार्य करना लाभप्रद नहीं होता है। जो व्यक्ति उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में पैदा होते हैं वे स्थायित्व में यकीन रखते हैं। इन्हें बार-बार काम बदलना पसंद नहीं होता है। ये जिस काम में एक बार लग जाते हैं उस काम में लम्बे समय तक बने रहते हैं।।

ऐसे जातकों के स्वभाव की विशेषता होती है, कि ये स्वयं सामर्थ्यवान होते हुए भी दूसरों से सीखने में हिचकते नहीं हैं। अपने स्वभाव की इस विशेषता के कारण ये निरंतन प्रगति की राह पर आगे बढ़ते रहते हैं। उत्तराफाल्गुनी के जातक आर्थिक रूप से सामर्थवान होते हैं। क्योंकि दृढ़विश्वास एवं लगन के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने हेतु ये सदैव तत्पर रहते हैं। पारिवारिक जीवन के सम्बन्ध में देखा जाए तो ये अपनी जिम्मेवारियों का पालन अच्छी तरह से करते हैं।।

प्रथम चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य हैं। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक पंडित अर्थात अपने क्षेत्र का विद्वान् होता है। इसका कारक यह है, कि प्रथम चरण का नवांशेश गुरु होता है। नक्षत्र स्वामी एवं सूर्य दोनों ही विद्या के लिए शुभ ग्रह माने जाते है। दोनों का चन्द्र पर प्रभाव जातक को पंडित बनाता है। मंगल की दशा-अन्तर्दशा में जातक का भाग्योदय होता है। गुरु की दशा इनके जीवन में हर प्रकार का शुभ फल देती है।।

द्वितीय चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शनि हैं। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक राजा या राजा समान वैभवशाली एवं पराक्रमी होता है। लग्नेश बुध की दशा उत्तम फलदायी होती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय अवश्य ही होता है।।

तृतीय चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी भी शनि हैं। इस नक्षत्र चरण में यदि चन्द्रमा भी है तो व्यक्ति हर हाल में अपने शत्रुओं पर विजयी होगा तथा प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। लग्नेश बुध की दशा अच्छा फल देती है। शनि अनिष्ट फल नहीं देगा अपितु शुक्र एवं शनि की दशा में जातक का भाग्योदय होता है।।

चतुर्थ चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी गुरु हैं। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक धार्मिक स्वभाव वाला, अपने संस्कारों के प्रति आस्थावान एवं सभ्य होता है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है एवं बृहस्पति की दशा उत्तम फलदायिनी होती है।।

Panchang 22 June 2026

सामान्यतया सोमवार शॉपिंग के लिए अच्छा दिन माना जाता है।।

सोमवार का विशेष - सोमवार के दिन तेल मर्दन अर्थात् तेल मालिश करने से चहरे और शरीर की कान्ति बढ़ती है - (मुहूर्तगणपति)।।

सोमवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से शिव भक्ति की हानि होती है। पुत्रवान पिता को तो कदापि नहीं करना चाहिये। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल - सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है।।

सोमवार के दिन ये विशेष उपाय करें - सोमवार को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।

Panchang 22 June 2026

मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म सोमवार को होता है, वो जातक शांत प्रवृत्ति के गौर वर्ण लिए हुये होते हैं। सोमवार चन्द्र प्रधान दिन होता है, इसलिये इस जातक में कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण परिलक्षित होते हैं। माता के प्रिय एवं सद्गुणों से युक्त ये जातक कवि ह्रदय, सफेद वस्तुओं से लाभ पाने वाला, यात्रा का शौकीन, जलाशयों एवं प्रकृति का प्रेमी होता है।।

सोमवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है। इनकी प्रकृति यानी इनका स्वभाव शान्त होता है। इनकी वाणी मधुर और मोहित करने वाली होती है। ये स्थिर स्वभाव वाले होते हैं सुख हो या दु:ख सभी स्थिति में ये समान रहते हैं। धन के मामले में भी ये भाग्यशाली होते हैं तथा इन्हें सरकार एवं समाज से मान-सम्मान मिलता है।।

इस दिन जन्म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्य् क  पालन या मछली का व्यवसाय, पत्थरों का व्यवसाय, कपड़े का व्यंवसाय शुद्ध फलता है। इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए कैरियर के लिहाज से आप जहां भी जायें सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को ही चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता हो, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्थयर आदि से जुड़ा व्यवसाय।।

आज का सुविचार - मित्रों, जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में। जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा। हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती।।

Panchang 22 June 2026

चन्द्रमा द्वारा निर्मित कुछ अतुलनीय धनदायक योग।।...... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें.... वेबसाईट पर पढ़ें:   &  ब्लॉग पर पढ़ें:

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"मकर राशि वालों के मृत्यु का योग।। Makar Rashi Walo Ki Mrityu." - My Latest video.

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Panchang 22 June 2026

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