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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 23 जून 2026 दिन मंगलवार।।
हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।
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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).
पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।
आज का पञ्चांग 23 जून 2026 दिन मंगलवार।।
Aaj ka Panchang 23 June 2026.
विक्रम संवत् - 2083.
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - रौद्र.
शक - 1948.
अयन – सौम्यायनम्.
गोल - याम्य.
ऋतु – ग्रीष्म.
मास - शुद्ध ज्येष्ठ.
पक्ष - शुक्ल.
गुजराती पंचांग के अनुसार – शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष.
Panchang 23 June 2026
तिथि - नवमी 16:40 PM बजे तक उपरान्त दशमी तिथि है।।
नक्षत्र - हस्त 11:54 AM तक उपरान्त चित्रा नक्षत्र है।।
योग - वरियान 10:14 AM तक उपरान्त परिघ योग है।।
करण - बालव 04:06 AM तक उपरान्त कौलव 16:40 PM तक उपरान्त तैतिल करण है।।
चन्द्रमा - कन्या राशि पर।।
सूर्य – मिथुन राशि एवं मृगशिरा नक्षत्र पर गोचर कर रहे हैं।।
मुम्बई सूर्योदय - प्रातः 06:01:05
मुम्बई सूर्यास्त - सायं 19:19:23
वाराणसी सूर्योदय - प्रातः 05:13:49
वाराणसी सूर्यास्त - सायं 18:47:38
राहुकाल (अशुभ) - दोपहर 16:01 बजे से 17:41 बजे तक।।
शुभ मुहूर्त - दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक।।
Panchang 23 June 2026
नवमी तिथि विशेष - नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।।
नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।।
Panchang 23 June 2026
हस्त नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म हस्त नक्षत्र में हुआ है तो आप संसार को जीतने और उसपर शासन करने का पूरा पूरा सामर्थ्य एवं शक्ति रखते हैं। आपकी दृढ़ता और विचारों की स्थिरता आपको एक आम आदमी से भिन्नता और श्रेष्ठता प्रदान करती है। आप एक स्वतंत्र विजेता होंगे जो अपने ज्ञान और समृद्धि के कारण जाने जाते हैं। हस्त नक्षत्र के जातक सहृदयी और दयालु स्वभाव के होते हैं।।
जरुरतमंदों की निस्वार्थ मदद के लिए आप सदैव ही प्रशंसा पाते हैं। आप स्वभाव से थोड़े अध्यात्मिक और संगीत में रूचि रखने वाले होते हैं। आप अपने प्रियजनों के बीच रहना पसंद करते हैं। परन्तु समय-समय पर अपने कठोर निर्णयों के कारण कड़े एवं क्रूर भी हो जाते हैं। हस्त नक्षत्र के जातक अपनी अंदरूनी दृढ शक्ति के कारण बाहर से कठिन व्यक्ति प्रतीत होते हैं परन्तु वास्तविकता कुछ और ही होती है।।
अपने नम्र स्वभाव के कारण आप दूसरों को शीघ्र ही अपनी और आकर्षित कर लेते हैं। आपको जीवन में दया और मानवता के बदले में केवल आलोचना और कभी-कभी विद्रोह का भी सामना करना पड़ सकता है। आपका जीवन बहुत से उतार चढ़ाव से भरा हुआ होता है जो बहुत ही छोटे-छोटे अंतराल के बाद आकर आपकी मानसिक शांति भंग करते रहता हैं। आपका कठोर परिश्रम और कार्य के प्रति इमानदारी भी आपको स्थिरता नहीं दे पाती है।।
हस्त नक्षत्र के जातक जीवन में कभी भी बहुत अधिक धनि या बहुत अधिक निर्धन नहीं रहते हैं। यही स्तिथि उनके जीवन में सुख और दुःख को लेकर भी होता है। इसलिए आपको सदा ही संतुलित रहने का प्रयास करना चाहिए। आप कभी किसी को भूल कर भी धोखा नहीं दे सकते। क्योंकि आप इमानदारी पर विश्वास रखते हैं। यदि आपके साथ कोई विश्वासघात करता है तो आप क्रूरता और कठोरता के साथ उसका उत्तर देते हैं।।
समय के साथ ही आप अपने वास्तविक स्वभाव में आ जाते हैं और बाकि सब इश्वर पर छोड़ देते हैं। अपनी कुशाग्र बुद्धि के कारण आप किसी भी प्रकार के कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के योग्य होते हैं। आपका लक्ष्य कार्य में प्रभावी समाधान खोजना और कार्य को बिना अड़चन के पूर्ण करना होता है। आप अपने जीवन में 17-18 की आयु से ही कमाना आरम्भ कर देते हैं परन्तु अडचने 48 वर्ष की उम्र तक आपका पीछा नहीं छोड़ती।।
आप अपने जीवन में समृद्धि और सुख 48 वें वर्ष के उपरान्त ही देख पाते हैं। हस्त नक्षत्र में जन्मा जातक एक सुखी पारिवारिक जीवन व्यतीत करता है। छोटी-छोटी अडचनों के बावजूद, एक अच्छे जीवन साथी के कारण पारिवारिक जीवन संतोष पूर्वक व्यतीत होता है। सर्वगुण संपन्न पत्नी के कारण आपका दाम्पत्य जीवन सुखी एवं सद्भावनापूर्ण होता है।।
हस्त नक्षत्र में जन्मी जातिकायें कड़े स्वभाव की तथा अधिक इच्छा रखने वाली होती हैं। यह अपनी वित्तीय स्तिथि से सदा नाखुश और असंतुष्ट रहती हैं। दूसरों के धन और संपत्ति में रूचि रखना इनके स्वभाव में होता है। हस्त नक्षत्र में जन्म लेनेवाली जातिकायें कार्य करने में चतुर एवं कुशल होती हैं। हस्त नक्षत्र के जातक सदैव आभार मानने वाले होते हैं। हस्त नक्षत्र के जातकों में विटामिन बी की कमी ज्यादातर देखने को मिलती है। गैस, अपच, अजीर्ण, हाथ तथा कंधे के जोड़ों के दर्द एवं सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।।
प्रथम चरण:- हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक शूरवीर एवं तर्कशास्त्र का ज्ञाता होता है। बुध की दशा हस्त के जातक को उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में ऐसे जातकों का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा भी उत्तम फलदायी समय लेकर आता है।।
द्वितीय चरण:- हस्त नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शुक्र होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक आजीवन रोग से जूझता रहता है। जातक के शरीर में स्थायी बीमारी का योग बनता है। बुध की दशा अति उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा भी उत्तम फलदायी समय लेकर आता है।।
तृतीय चरण:- हस्त नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक धनी एवं संपन्न होता है। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा भी उत्तम फलदायी समय लेकर आता है।।
चतुर्थ चरण:- हस्त नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी चन्द्र होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक धनी एवं संपन्न होगा। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा की दशा सामान्य फलदायी समय लेकर आता है।।
Panchang 23 June 2026
मंगलवार को नए कपड़े न ही खरीदना चाहिये और न ही पहली बार पहनना चाहिए। मंगलवार वाहन एवं भूमि-भवन आदि भी नहीं खरीदना चाहिये।।
मंगलवार का विशेष - मंगलवार के दिन तेल मर्दन (शरीर में तेल मालिश) करने से आयु घटती है - (मुहूर्तगणपति)।।
मंगलवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से भी आयु की हानि होती है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।
दिशाशूल - मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।।
मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी या बाल काटने या कटवाने से उम्र कम होती है। अत: मंगलवार को बाल या दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए। मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।।
मंगलवार को यथासंभव कोशिश करके मंदिर में जाकर हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी/लाल पेड़े या गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत एवं नज़र की बाधा से बचाव होता है साथ ही आपके समस्त शत्रु परास्त होते है।।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है। मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है, मांगलिक दोष दूर होता है।।
Panchang 23 June 2026
मंगलवार को जिनका जन्म होता है, वो जातक स्वभाव से उग्र, साहसी, प्रयत्नशील एवं महत्वाकांक्षी होते हैं। इनमें नेतृत्व की क्षमता अन्यों के मुकाबले बहुत शुद्ध होती है। ऐसे लोग जिम्मेदारियों के कार्य में सफल भी होते हैं। खिलाड़ी, पहलवान, सेना तथा पुलिस विभाग में सफल रहते हैं। यह जातक अधिकांशतः रक्तवर्ण या गेहूंआ रंग होता है।।
मंगलवार को जन्म लेनेवाला जातक जटिल बुद्धि वाला होता है। ये किसी भी बात को आसानी से नहीं मानते हैं। ऐसे लोग शक्की किस्म के होते हैं इसलिये सभी बातों में इन्हें कुछ न कुछ खोट दिखाई देता है। ये युद्ध प्रेमी और पराक्रमी होते हैं तथा अपनी बातों पर कायम रहने वाले होते हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे जातक हिंसा पर भी उतर आते हैं। इनके स्वभाव की एक बड़ी विशेषता है कि ये अपने कुटुम्ब का पूरा ख्याल रखते हैं।।
मंगलवार को जन्म लेने वाले व्यक्ति स्वभावानुसार क्रोधी, उग्र, पराक्रमी, जुझारू, अदम्य साहसी, आलोचना सहन न करने वाले और सांगठनिक क्षमता वाले होते हैं। नेतागिरी, पुलिस, सेना, नौकरशाह तथा खिलाड़ी के रूप में इनका कैरियर सफल रहता है। इनका शुभ अंक 3, 6, 9 तथा शुभ रंग लाल एवं मैरुन और इनका शुभ दिन मंगलवार एवं शुक्रवार होता है।।
Panchang 23 June 2026
मंगलवार का विशेष टिप्स - यदि आपके जीवन में कभी अचानक ज्यादा खर्च की स्थिति बन जाय, तो किसी भी मंगलवार के दिन हनुमानजी के मंदिर में गुड़-चने का भोग श्रद्धापूर्वक लगाएं। भोग लगाने के बाद वहीँ बैठकर 23 बार हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।।
मंगलवार के दिन ये विशेष उपाय करें - मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाना, चमेली के तेल का ही दीपक जलाना तथा माखन का भोग लगाना चाहिये, इससे हर प्रकार की मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।
आज का सुविचार - मित्रों, दुनिया में भगवान का संतुलन कितना अद्भुत हैं, 50 कि.ग्रा. अनाज का बोरा जो उठा सकता हैं वो खरीद नही सकता और जो खरीद सकता हैं वो उठा नही सकता। जब आप गुस्सें में हो तब कोई फैसला न लेना और जब आप खुश हो तब कोई वादा न करना, अगर ये याद रखेंगे तो कभी नीचा नही देखना पड़ेगा।।
Panchang 23 June 2026
अरिष्ट अर्थात एक्सिडेन्ट एवं चोट आदि लगने के योग ।।..... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें.... वेबसाईट पर पढ़ें: & ब्लॉग पर पढ़ें:
"मकर राशि वालों के मृत्यु का योग।। Makar Rashi Walo Ki Mrityu." - My Latest video.
"तुला राशि वालों की मृत्यु किस उम्र में होगी।। Tula Rashi Walo Ki Mrityu." - My Latest video.
"मिथुन राशि वालों की मृत्यु किस उम्र में होगी। Mithun Rashi Walo Ki Mrityu.
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Panchang 23 June 2026
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